रिक्त पदों पर समायोजन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं से तीन दिन में निर्धारित प्रारूप पर आवेदन मांगे गए हैं। पहले दिन मात्र छह आवेदन आए हैं। समायोजन प्रक्रिया के बाद ही रिक्त पदों की आरक्षण वार वास्तविक स्थिति पता लग सकेगी।
जिले में तीन हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र हैं। पिछले साल 60 साल या उससे अधिक उम्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्त करने व कुछ की मृत्यु हो जाने के कारण वर्तमान में आंगनबाड़ी व सहायिकाओं के 700 पद रिक्त पड़े हैं। इसकी वजह से केंद्रों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इन पदों पर नई भर्ती के लिए शासन ने हाल ही में आदेश जारी किए हैं। आदेशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि नई भर्ती से पहले वर्तमान में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का उनकी सहमति से समायोजन किया जाय। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद ही नई भर्तियां की जाएं।
डीपीओ श्रेयस कुमार ने बताया कि जिले में कुल 700 रिक्त पदों पर भर्ती होनी है। शासन ने इस भर्ती से पहले इच्छुक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को समायोजन का मौका दिया है। पहले चरण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को समायोजन का मौका मिलेगा। इसके बाद जो पद खाली रह जाएंगे, उन पर आरक्षण के हिसाब से नए सिरे से भर्ती होगी। जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका पद रिक्त हैं, वहीं पर आरक्षण के हिसाब से समायोजन का मौका दिया जाएगा। समायोजन होने के बाद जिले में नए सिरे से भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि पहले दिन मात्र 6 आवेदन आये हैं।
डीएम अनुमोदन के बाद रिक्त पदों की स्थिति होगी स्पष्ट
अलीगढ़। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद आये आवेदनों का सीडीपीओ से सत्यापन कराया जाएगा। उसके बाद डीएम से अनुमोदन कराकर उनका समायोजन कर दिया जाएगा। इसके बाद ही आरक्षण के हिसाब से रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति पता लग पाएगी।
शादी होकर दूसरे जिलों में गई कार्यकर्ताओं को भी मौका
अलीगढ़। समायोजन प्रक्रिया में उन कार्यकर्ताओं को भी मौका मिलेगा जो शादी या पति के स्थानांतरण के बाद दूसरे जिलों में चली गई हैं। डीपीओ ने बताया कि उन्हें उस ?िले के डीएम की अनुमति लेनी होगी। इसके बाद यदि उस जिले में आरक्षण के हिसाब से जगह रिक्त होगी तो वहां समायोजन हो सकेगा।