जिले की तीन ग्राम पंचायतों में कागजों पर विकास कार्य कराने के मामले में 31.04 लाख का गबन साबित हो गया है। अकराबाद व गंगीरी की दो पंचायतों में 28 लाख का गबन हुआ है तो विजयगढ़ देहात ग्राम पंचायत में पूर्व में हुए 3.04 लाख के गबन मामले में आरोप सिद्ध होने के बावजूद धनराशि जमा न कराने के मामले में प्रधान व तत्कालीन सचिव के खिलाफ तहसील को रिकवरी के लिए कहा गया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराने की तैयारी है।
पूर्व प्रधानों के कार्यकाल के दौरान जिले की कई पंचायतों में गबन के मामले सामने आए थे। इसमें अकराबाद ब्लाक की शाहगढ़ व गंगीरी ब्लाक की धनसारी ग्राम पंचायत में 28 लाख के गबन का मामला भी शामिल था। इसमें कागजों पर काम कराकर 28 लाख की ग्राम निधि की राशि खुर्द बुर्द करने का मामला सामने आया।
जांच में अनियमितताएं सामने आने पर पंचायती राज विभाग की तरफ से रिकवरी के आदेश हुए, लेकिन यह आदेश सरकारी फाइलों में दबे रहे। हाल ही में डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दोनों मामलों में रिकवरी के आदेश कर दिए हैं। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि अकराबाद की शाहगढ़ पंचायत से 22 लाख व धनसारी से छह लाख की भू राजस्व की भांति रिकवरी कराई जाएगी।
एक अन्य मामला विजयगढ़ देहात ग्राम पंचायत का है। यहां तत्कालीन प्रधान व तत्कालीन सचिव पर 3 लाख चार हजार 995 रुपये का गबन सिद्ध हुआ था। दोनों को वसूली का नोटिस दिया। दोनों को 15 अप्रैल को एक सप्ताह में गबन की आधी-आधी राशि 1 लाख 51 हजार 497 रुपये ग्राम निधि प्रथम खाते में जमा कराते हुए साक्ष्य डीपीआरओ कार्यालय में देने के निर्देश दिए गए।
धनराशि जमा न कराने पर उनसे यह राशि भू राजस्व की भांति वसूल करने तथा एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई, लेकिन प्रधान राय सिंह एवं सेवानिवृत्त हो चुके सचिव शांतिलाल ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही धनराशि जमा कराई।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि गबन की धनराशि जमा न कराने एवं स्पष्टीकरण न दिए जाने पर ग्राम पंचायत विजयगढ़ के प्रधान राय सिंह व तत्कालीन सचिव शांतिलाल के खिलाफ गबन की गई राशि भू राजस्व के माफिक वसूल करने की संस्तुति कर दी गई है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।