यूपी सहकारी ग्राम्य विकास बैंक
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बकायेदार किसानों द्वारा ऋण वापस न किए जाने से परेशान जिला सहकारी बैंक ने अब ऋण वापस लेने की तैयारी शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि जिले भर में किसानों पर 91 करोड़ की बकायेदारी है। इसके चलते बैंक आर्थिक संकट से जूझ रही है और इफको, कृभको को समय से खाद-बीज का भुगतान भी नहीं कर पा रही है। इस समस्या से निपटने के लिए अब सहकारी बैंक ने किसानों से कर्ज वापसी की तैयारी शुरू कर दी है।
अलीगढ़ जिला सहकारी बैंक अपनी 100 के करीब सहकारी समितियों के जरिये किसानों को ऋण वितरण करती है। इस योजना में दो हजार से दो लाख रुपये तक के ऋण दिए जाते हैं। नियमानुसार एक लाख रुपये तक का ऋण बैंक को वापस लेने का कोई नियम नहीं है। इसमें ऋण न लौटाने वाले किसानों को सिर्फ समझाया जा सकता है।
नियमानुसार बैंक ऋण सात फीसद ब्याज पर दिया जाता है, जिसमें चार फीसद अनुदान के चलते सिर्फ तीन फीसद ब्याज देना होता है। हां, ऋण न दे पाने पर 12 फीसद ब्याज देना पड़ता है। अलीगढ़ जिला सहकारी बैंक की 13 बैंक शाखाओं का पांच हजार किसानों पर करीब 91 करोड़ बकाया है। इसके चलते कृभको व इफको को भुगतान करने में दिक्कत आ रही है। बैंक के डिप्टी जीएम के अनुसार अब किसानों से वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।