सड़क पर जाम लगाने और प्रदर्शन करने के 28 साल पुराने मामले में मंगलवार को भाजपा नेता कृष्णा गुप्ता और मृदुला ने अदालत में समर्पण कर दिया। इनके खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। कुछ घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रहने के बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली, जिसके बाद दोनों को रिहा कर दिया गया।
कृष्णा गुप्ता और मृदुला की ओर से अदालत में पैरवी करने वाले अधिवक्ता व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर बृजेश सिंह और अभियोजन से एडीजीसी रामकुमार ने बताया कि मामला 1993 का है। सासनी गेट क्षेत्र में आगरा रोड पर कुछ लोगों ने जाम लगाया था। इस दौरान पुलिस से हाथापाई हो गई थी।
भीड़ ने पथराव कर वाहनों के शीशे तोड़ दिए थे। इस घटना में पुलिस ने 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में कुछ दिन पहले अधिवक्ता पूनम बजाज ने भी अदालत में सरेंडर किया था। मंगलवार को कृष्णा गुप्ता और मृदुला ने भी सरेंडर किया है। कुछ घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रहने के बाद अदालत ने इनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद इनको जमानत पर रिहा कर दिया गया।