अलीगढ़ में 505 स्थानों पर अलाव जलाए जाएंगे। 28 स्थानों पर रैन बसेरों में ठहरने के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जरूरतमंदों को बांटने के लिए 16 हजार कंबल खरीदे गए हैं। घर में अलाव की व्यवस्था न हो, तो अत्यधिक ठंड के दिनों में ऐसे स्थान पर प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था की है।
शीतलहर से बचाव के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। अलीगढ़ में 505 जगहों पर अलाव जलेंगे, 28 स्थानों पर रैन बसेरा होंगे और 16 हजार कंबल बांटे जाएंगे।
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अलीगढ़ की अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं प्रभारी अधिकारी आपदा मीनू राणा ने बताया कि जरूरतमंदों को शीतलहर से बचाने के उपाय किए जा रहे हैं। आमजन से अपील करते हुए कहा कि स्थानीय रेडियो, दैनिक समाचार पत्र, टीवी एवं मोबाइल फोन के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें।
उन्होंने बताया कि जिले में 505 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। 28 स्थानों पर रैन बसेरों में ठहरने के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। जरूरतमंदों को बांटने के लिए 16 हजार कंबल खरीदे गए हैं। कोयले की अंगीठी, मिट्टी तेल का चूल्हा, हीटर का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। घर में अलाव की व्यवस्था न होते न हो तो अत्यधिक ठंड के दिनों में ऐसे स्थान पर जाएं जहां प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था की है।