दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। ऐसे में वहां पर स्कूलों को सात दिन के लिए बंद करा दिया गया है। दिल्ली से 160 किमी दूर स्थित अलीगढ़ शहर की भी हवा खराब होने लगी है। रविवार को यहां पर वायु प्रदूषण सूचकांक 165 दर्ज किया गया। शहर में वायु प्रदूषण का वर्तमान स्तर बच्चों की सेहत के लिए बेहद खराब बताया जा रहा है।
रविवार को शहर में वायु की गुणवत्ता खराब होने लगी है। रविवार को शहर में 165 एक्यूआई दर्ज किया गया। 101 से 200 एक्यूआई के बीच अस्थमा व हृदय रोग से पीड़ित बच्चों, बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत होती है। शहर में प्रदूषण की मॉनीटरिंग करने वाले अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के चलते अलीगढ़ में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। अभी स्थिति ज्यादा खराब नहीं हुई है। फिर भी बच्चों को बचाने की जरूरत है। खासकर, छोटे बच्चों को घर से बाहर न निकाला जाए। बड़े व बुजुर्ग अगर बाहर जा रहे हैं तो मास्क पहनकर ही घर से निकलें। घर के अंदर धूम्रपान और मच्छर मारने वाली कॉइल को जलाने से भी बचें। बच्चों की सेहत का ख्याल रखना है तो उन्हें ठंडी चीजें न खिलाएं। ताजी सब्जियां, फल के साथ अधिक से अधिक तरल पदार्थ दें। गर्म पानी और गर्म दूध पिलाएं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
- दिल्ली के नजदीक होने के चलते अलीगढ़ में भी वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। अक्सर मानवीय गतिविधियां मोटर वाहन से संपादित होती हैं। यही कारण है कि पिछले वर्षों की तुलना में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके लिए हमें जागरूक होना पड़ेगा। कम से कम प्रदूषण वाले वाहन या अन्य संयंत्रों का प्रयोग करना चाहिए। बड़े, बुजुर्ग, सांस लेने में तकलीफ वाले मरीज और बच्चों की सेहत का विशेषकर ख्याल रखना होगा। - डॉ. जेपी सिंह, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
- अलीगढ़ दिल्ली की बार्डर लाइन में आता है। एक्यूआई 100 से नीचे ही ठीक होता है। प्रदूषण बढ़ने से बच्चों को घर से बाहर निकालने से परहेज करना होगा। उनकी सेहत के लिए खास ध्यान रखना होगा। खांसी-जुकाम वाले मरीजों को मास्क पहनना चाहिए। दूसरा बाजार की चीजें न खाएं। घर में धूम्रपान से भी बचें, नहीं तो बच्चों को परेशानी होगी। इस दौरान चूल्हे का प्रयोग अथवा ठंड से बचने के लिए अलाव भी नहीं जलाने चाहिए। -डॉ. प्रदीप बंसल, बाल रोग विशेषज्ञ।
ये है वायु प्रदूषण सूचकांक
0-50 एक्यूआई - अच्छा (कोई प्रभाव नहीं)
51-100 एक्यूआई - संतोषजनक (संवेदनशील लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।)
101-200 एक्यूआई - थोड़ा प्रदूषित (अस्थमा और हृदय रोग पीड़ित बच्चों और बड़े बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।)
201-300 एक्यूआई - खराब (लंबे समय तक ऐसा रहने पर लोगों को सांस लेने में तकलीफ और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को बहुत असुविधा हो सकती है।)
301-400 एक्यूआई - बहुत खराब (लंबे समय तक ऐसा रहने पर लोगों को सांस की बीमारी हो सकती है। फेफड़े व दिल की बीमारियों वाले लोगों पर प्रभाव अधिक खतरनाक हो सकता है।)
401-500 एक्यूआई - गंभीर (इसे आपातकाल कहा जाता है। स्वस्थ लोगों का श्वसन तंत्र खराब हो सकता है। फेफड़े /हृदय रोग वाले लोग गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। अत: पूरी तरह से घर के अंदर रहें।)