बीएएलएलबी अलीगढ़ में 24 सीटें स्ववित्तपोषित कोटे की होंगी। इसी तरह मलप्पुरम केरल व मुर्शिदाबाद बिहार में 12-12 सीटें निर्धारित की गई हैं। एमटेक, बीए, बीएससी, एमएससी सहित अन्य पाठ्यक्रमों में स्ववित्तपोषित कोटे की सीटें होंगी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के 104 साल के इतिहास में पहली बार 126 स्नातक, परास्नातक व डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में स्ववित्तपोषित कोटे से विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे। यह मौका उन्हें मिलेगा, जो विद्यार्थी हाल में हुई नियमित पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा में असफल हुए हैं। 2024-25 सत्र में प्रवेश शुरू होंगे।
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3 फरवरी को प्रवेश समिति की बैठक हुई थी, जिसमें 216 पाठ्यक्रमों में स्ववित्तपोषित कोटे से दाखिले के लिए प्रस्ताव दिया था, जिस पर 24 फरवरी 2024 को अकादमिक काउंसिल की बैठक में कुलपति ने सीटों पर मुहर लगा दी थी। शुल्क बाद में निर्धारित किए जाएंगे।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. मुजीब उल्लाह के अनुसार, बीएएलएलबी अलीगढ़ में 24 सीटें स्ववित्तपोषित कोटे की होंगी। इसी तरह मलप्पुरम केरल व मुर्शिदाबाद बिहार में 12-12 सीटें निर्धारित की गई हैं। एमटेक, बीए, बीएससी, एमएससी सहित अन्य पाठ्यक्रमों में स्ववित्तपोषित कोटे की सीटें होंगी। कई पाठ्यक्रमों में छात्र-छात्राओं के लिए सीटें आवंटित की गई हैं। बता दें कि एएमयू के स्कूल के कक्षा 11 में स्ववित्तपोषित कोटे से एक दशक से ज्यादा समय से प्रवेश हो रहे हैं।