उन्होंने बताया कि कुल 35 लोग पकड़े गए थे। इनमें 27 दलाल थे। शेष ग्राहक थे। इनके कब्जे से दो लाख एक हजार की नगदी, तीन लैपटॉप, 21 मोबाइल, वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कागजात बरामद हुए हैं। एक बाइक भी बरामद हुई है।
एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि सभी के खिलाफ सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों को बरगलाने, बलपूर्वक कागजात छीनने, कार्यालय के कर्मचारियों पर अनाधिकृत कार्य के लिए दबाव बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसएसआई बन्नादेवी प्रदीप मलिक ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
पुलिस ने इन लोगों को लिया हिरासत में
रामकिशन निवासी गांव इमलिया हरदुआगंज, शिक्षक नगर निवासी कुलदीप सिंह, आरएएफ क्वारसी निवासी चित्रांशु, किशनपुर तिराहा निवासी मनीष कुमार शर्मा, बरौला निवासी महेशचंद, सारसौल निवासी प्रताप सिंह, निरंजनपुरी निवासी प्रदीप गुप्ता, इगलास के नगला चूरा निवासी दीपेंद्र, साई विहार कालोनी निवासी भानू गुप्ता, बिहारीपुर खैर निवासी सतीश, लोधा के जिरौली डोर निवासी अवनीश, हरदुआगंज के गांव कलाई निवासी हरीश, सारसौल निवासी भगवती प्रसाद, निरंजनपुरी निवासी गौरव गुप्ता, सराय हकीम निवासी लव व आलोक कुमार गुप्ता, बरौला पुल के पीछे निवासी सुमित, आदर्श नगर बैंक कालोनी जसवंत सिंह, धनीपुर निवासी अमित, जवां के नगला नूरपुर निवासी अमित पुत्र उमाशंकर, बिहारी पुरम निवासी सुल्तान, बरौला जाफराबाद निवासी रामप्रकाश, टप्पल के जट्टारी निवासी मनोज, गुरुरामदास नगर निवासी ज्ञान सिंह, दादों के वाजिदपुर निवासी योगेश कुमार, सारसौल स्थित भाईजी नगर निवासी चिंटू उर्फ रंजीत तथा क्वारसी की गली नंबर चार निवासी ओमप्रकाश शामिल हैं।