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यूपीः एक और ऑनलाइन फाइनेंस रैकेट का भंडाफोड़, कई राज्य के लोगों से हुई ठगी, पांच गिरफ्तार

Thu, 25 Jul 2019 10:44 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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फाइनेंस सेक्टर में फर्जीवाड़े करने वाले एक और रैकेट के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर अलीगढ़ पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। यह रैकेट नामी कंपनियों के नाम से फर्जी तरीके से ऑनलाइन फाइनेंस देने के नाम पर सासनी गेट क्षेत्र में आगरा रोड हाथरस अड्डा स्थित साईं कांप्लैक्स से चल रहा था। सभी अपनी फर्जी कंपनियों के गूगल डोमिन पर फर्जी वेबसाइट पेज बनाने से लेकर अखबारों में इश्तहार देकर और पंफलेट बांटकर लोगों को ऋण देने के नाम पर अपना शिकार बनाते थे। जब लोग इनसे संपर्क करते तो वह ठगी का शिकार होने लगते। 

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अलीगढ़ में इस रैकेट का ब्रांच ऑफिस संचालित था, जबकि इनका हैड ऑफिस नोएडा के सेक्टर-3 से संचालित हो रहा है। रैकेट ने अब तक दो हजार के करीब लोगों को कई लाख रुपये से चपत लगाई है। पकड़े गए पांचों लोगों को जेल भेज दिया गया है, जबकि यह मुकदमा भी उसी एसआईटी के सुपुर्द किया जाएगा, जो पूर्व में पकड़े गए रैकेट के मुकदमे की जांच कर रही है।

एसएसपी आकाश कुलहरि के अनुसार इस रैकेट को लेकर लगातार मिल रहे इनपुट पर एसपी सिटी अभिषेक व एसपी क्राइम डॉ. अरविंद के नेतृत्व में व सीओ प्रथम विशाल पांडेय की अगुवाई में एक टीम लगाई गई। जिसमें क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक छोटेलाल, इंस्पेक्टर सासनी गेट विनोद कुमार, सर्विलांस प्रभारी अभय शर्मा, सहयोगी एसआई संजीव कुमार, खिरनी गेट चौकी प्रभारी रजत शर्मा को लगाया गया। 
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इस टीम ने मुखबिरों व सर्विलांस की मदद से हाथरस अड्डा साईं कॉम्पलेक्स के ग्राउंड फ्लोर में गुरुवार सुबह दबिश देकर पांच लोगों को फर्जी ऋण देने वाली कंपनी चलाते हुए पकड़ लिए। मौके पर व थाने लाकर हुई पूछताछ में इन्होंने बताया कि गूगल, समाचार पत्र व अन्य विभिन्न माध्यमों से उन्होंने फाइनेंस कंपनियों से मिलती जुलती फाइनेंस करने वाली वेबसाइट तैयार कराई और प्रचार प्रसार किया। इसके लिए फर्जी आईडी पर मोबाइल नंबर, फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर, फर्जी ईमेल आईडी आदि तैयार कर उन्हें अपने विज्ञापन पर अंकित किया गया। साथ में पंफलेट भी छपवाए गए। 

जब लोग इनसे संपर्क करते तो यह भी लॉगिन चार्ज के नाम पर 2150 रुपये प्रति ग्राहक वसूलते। इसके बाद ग्राहक को उसके व्हाट्सएप पर एक सप्ताह बाद ऋण मंजूरी पत्र भेजते और फिर उससे ऋण आहरित होने के नाम पर 10 से 20 हजार रुपये तक वसूलते। यह रकम दोनों बार में फर्जी तरीके से बैंकों में खुलवाए गए बैंक एकाउंटों में डलवाई जाती थी। इसके बाद ग्राहक से यह दूरी बना लेते थे। 

किसी तरह ग्राहक इनसे संपर्क करने में सफल हो जाता और उसे ठगी का अहसास होता तो वह रुपये वापस मांगता तो उससे रुपये वापस करने के नाम पर भी रकम ऐंठते थे। यह रैकेट साईं कांप्लैक्स में दो माह पहले ही शुरू हुआ था और इसने अब तक करीब दो हजार लोगों से कई लाख रुपये ठग लिए थे। पूछताछ में इनके दो निजी बैंकों के खाते और दो ऑनलाइन पेमेंट एकाउंट सामने आए हैं। उनकी जांच की जा रही है, जिनसे पता चलेगा कि कितने लोगों से इन्होंने रकम डलवाई है और उसे किस तरह से प्रयोग में लिया है। 
 
एसएसपी ने बताया कि इससे पहले गांधीपार्क में इसी तरह का रैकेट पकड़ा था, जो 49 बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी रैकेट चला रहा था। उसकी एसआईटी जांच चल रही है। यह विवेचना भी उसी एसआईटी टीम को दी जाएगी। नोएडा में बैठा सरगना, व्हाट्सएप ग्रुप पर चल रहा था रैकेट एसएसपी के अनुसार जांच व पूछताछ में पता चला कि यह इस रैकेट का ब्रांच ऑफिस है और गिरफ्तार लोगों में से एक विकास इनका इंचार्ज है। इसका हैड ऑफिस नोएडा के सेक्टर-3 से संचालित है और वहां उसे शुभम गौड़ व अनुज गौड़ नाम के दो लोग चलाते हैं। इस रैकेट का ब्रांच ऑफिस आगरा, मथुरा सहित अन्य शहरों में भी संचालित है।
 
विकास के मोबाइल में एक व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ है, जिसमें इस रैकेट के सभी सदस्य जुड़े हैं। आपस में वह इस गोरखधंधे से जुड़ी चेट करते हैं। उसी में सूचनाओं का आदान प्रदान करते हैं। इसी ग्रुप के अनुसार शुभम व अनुज इनके हैड हैं।
 

एमपी, महाराष्ट्र व राजस्थान के ग्राहकों के फार्म मिले

मौके से पुलिस को 125 भरे हुए फार्म मिले हैं और आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल भी 
मिल गई है। इन दोनों की जांच में पता चला है कि अब तक इन्होंने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व 
राजस्थान के विभिन्न शहरों के ग्राहकों को चपत लगाई है। इनके नाम व पतों के आधार पर 
पुलिस अब उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
 

यह हुए गिरफ्तार

1-विपिन मित्तल पुत्र रमेश चन्द्र मित्तल  सराय दीन दयाल गांधी पार्क--सरगना
2-विकास पुत्र महेश चन्द्र 342 एडीए कालोनी सासनीगेट
3- सतेन्द्र प्रताप पुत्र राकेश कुमार ग्राम हसनपुर गभाना
4-चित्रवीर सिंह पुत्र पूरन सिंह पोखर के पास, पंच नगरी सासनीगेट
5-दीपक पुत्र राम सिहं एडीए कालोनी सासनीगेट

 

यह हुआ बरामद

10 मोबाइल फोन, एक टेबलेट, एक लैपटॉप, चार एटीएम कार्ड, दो चैक बुक, एक मौहर, 125 फार्म भरे हुए व खाली, मोबाइल नंबर डाटा 86 पेज, ऋण संबंधी छपे हुए पंफलेट, एक फार्म रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, एक ऑथराईजेशन सर्टिफिकेट।

 

इन नाम से चल रही थी फर्म

कॉमरेड फाइनेंस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड
गनपति फिनकॉन प्राइवेट लिमिटेड
श्री ओम फाइनेंस सर्वकॉन प्राइवेट लिमिटेड

 
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इन खातों में मंगाते थे रकम

इंडसइंड बैंक खाता संख्या 201003033822
कोटक महिन्द्रा बैंक खाता संख्या 3713141824
फोन पे एप मोबाइल नंबर  9634699903
पेटीएम एप मोबाइल नंबर 8126727665
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