बारिश के बाद रामघाट रोड पर हुआ जलभराव ।
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19 जुलाई से शुरू हुई बारिश ने पिछले 24 घंटे (सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह तक) में पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। कोल तहसील में सबसे अधिक बारिश हुई। गभाना तहसील में सबसे कम बारिश हुई। मंगलवार को हुई बारिश का डाटा बुधवार सुबह जुटाया जाएगा। अनुमान के मुताबिक, मंगलवार दिन में करीब 55 एमएम बारिश हुई।
जून और जुलाई में जिलेवासियों को गर्मी ने खूब परेशान किया। बारिश की उम्मीद लगाए लोगों को 19 जुलाई से राहत मिलना शुरू हुई। अभी दो दिन और बारिश की संभावना मौसम विभाग द्वारा जताई गई है। जिला प्रशासन की ओर से जुटाए गए डाटा के मुताबिक 19 की सुबह से 20 जुलाई की सुबह तक 198 एमएम बारिश पूरे जिले में हुई। प्रति तहसील औसत 39.6 एमएम रहा। तहसीलवार आंकड़ों के मुताबिक कोल तहसील में इस अवधि में 81 एमएम, अतरौली में 32 एमएम, खैर में 17 एमएम, इगलास में 60 एमएम, गभाना में 8 एमएम बारिश हुई। जुलाई में मंगलवार सुबह तक 352 एमएम बारिश हुई। अनुमान के मुताबिक, मंगलवार दिन में करीब 55 एमएम बारिश हुई। बीते साल पूरी जुलाई में 352 एमएम बारिश हुई थी। दोनों वर्षों की तुलना की जाए तो पिछले साल का रिकॉर्ड अब तक टूट चुका है।
वर्ष जुलाई में हुई बारिश
2021 352 एमएम (मंगलवार सुबह तक)
2020 382 एमएम
2019 431 एमएम
2018 1647 एमएम
2017 277 एमएम
2016 1450 एमएम
झमाझम बारिश, लेकिन अभी तक नुकसान शून्य
जिलेवासियों के लिए राहत की बात यह है कि 19 और 20 जुलाई को हुई बारिश से पूरे जिले में कहीं भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने सभी तहसीलों को अलर्ट कर दिया है। मंगलवार को उन्होंने नुकसान के आकलन की रिपोर्ट देने का आदेश जारी किया। तहसीलों से रिपोर्ट में कहीं भी नुकसान का जिक्र नहीं है। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि सभी तहसीलों की टीमों को अलर्ट किया गया है। कहीं भी दैवी आपदा से कोई नुकसान होगा तो उसकी रिपोर्ट तहसील प्रशासन की ओर से दी जाएगी।