उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आरक्षण समर्थकों की मांग नामंजूर करते हुए कहा कि पीसीएस परीक्षा में आरक्षण पर हुआ फैसला वापस नहीं होगा।
उन्होंने आरक्षण समर्थकों से दो टूक कहा कि वे चाहें तो अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
आरक्षण समर्थकों ने बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की और पीसीएस परीक्षा में त्रिस्तरीय आरक्षण बहाल करने की मांग की। मुख्यमंत्री के फैसले से छात्रों में काफी गुस्सा है।
उन्होंने बृहस्पतिवार से प्रदेशव्यापी आंदोलन और प्रदर्शन करने की बात कही है। छात्रों के रुख को देखते हुए सभी जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सचेत कर दिया गया है।
मंगलवार को राजभवन के सामने हुए लाठीचार्ज के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने का इंतजार कर रहे छात्र बुधवार की सुबह से ही वार्ता के प्रयास में लग गए। शाम को करीब चार बजे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री से मुलाकात हो सकी।
इलाहाबाद विवि के छात्रसंघ अध्यक्ष दिनेश यादव ने बताया कि करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से छात्रों की मांगें मानने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था को लागू करने की घोषणा की गई है वही व्यवस्था लागू रहेगी। उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। अगर छात्रों को यह व्यवस्था गलत लगती है तो वे कोर्ट जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री का रुख देख छात्रों में आक्रोश फैल गया। वे सभी धरनास्थल पर लौट गए। वहां तय हुआ कि बृहस्पतिवार से पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। जब तक उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाएगा तब तक प्रदर्शन करेंगे।