छात्रों को बांटने के लिए आए 85 लैपटॉप स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के चलते वर्षा के पानी में भीग गए। जिलाधिकारी मनीषा त्रिघाटिया ने मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी है।
उत्तरप्रदेश की गोला तहसील में 1170 लैपटॉप लखनऊ से कुछ दिन पहले भेजे गए। तहसील प्रशासन ने इन्हें स्ट्रांग रूम के जिस कमरे में रखा था, उसमें वर्षा का पानी घुस गया।
जिससे उसमें रखे कई लैपटॉप के कवर भीग गए। बुधवार को जिलाधिकारी ने गोला पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने बताया कि नीचे रखे 85 लैपटॉप के गत्ते बारिश के पानी में भीग गए।
उनमें से कुछ लैपटॉप को चला कर देखा गया तो वह ठीक थे, लेकिन फिर भी जिला प्रशासन ने भीगे सभी 85 लैपटॉपों का वितरण न करने का फैसला किया है।
इनको वापस भेजा जा रहा है तथा उनके स्थान पर दूसरे लैपटॉप मंगाए जा रहे हैं। डीएम ने स्वीकार किया कि इस मामले में प्रथम दृष्ट्या तहसील प्रशासन की लापरवाही सामने आई है।
पूरे मामले की रिपोर्ट मिलने पर उसी के आधार पर वह स्वयं कार्रवाई करेंगी, साथ ही इसकी एक रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शासन को भी भेजेंगी।
तहसीलदार पर गिर सकती है गाज!
लैपटॉप भीगने के मामले में गोला तहसीलदार केबी सिंह घिर गए हैं। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से लैपटॉप वितरण की योजना भी एक है, इसलिए जिला प्रशासन इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।
सूत्रों की माने इस मामले में तहसीलदार पर गाज गिरना तय मानी जा रही है।