मंत्रिपरिषद विस्तार के तीसरे दिन बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंत्रियों के काम का बंटवारा कर दिया। बंटवारे के जरिये उन्होंने एक साथ कई संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने कुछ का कद बढ़ाकर जहां उनके महत्व का संदेश देने की कोशिश की है तो कुछ के पर कतरकर सीमा में रहने की चेतावनी भी दी है।
बंटवारे में उन्होंने रणनीतिक व राजनीतिक चतुराई भी दिखाई है। राज्यमंत्रियों को काम सौंपकर अपना सहयोगी तो बनाया है लेकिन वास्तव में उन्होंने अपने पास कुछ और विभाग समेट लिए हैं। मंत्रिपरिषद के गठन के समय उन्होंने अपने पास 50 विभाग रखे थे तो मंत्रिपरिषद विस्तार व राज्यमंत्रियों को काम सौंपने के बाजवूद 11 विभाग अपने पास बढ़ा लिए।
सपा मुखिया की नाराजगी भारी पड़ी
राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह से परिवहन विभाग की जिम्मेदारी लेकर उन्हें स्टांप तथा न्यायालय शुल्क, पंजीयन व नागरिक सुरक्षा जैसे विभाग की जिम्मेदारी दे दी गई है। परिवहन विभाग दुर्गा प्रसाद यादव को देकर उन्हें महत्व दिया गया है। माना जा रहा है कि अरिदमन सिंह पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की सैफई महोत्सव के दौरान मंच पर जताई गई नाराजगी भारी पड़ी है। हालांकि तब महेन्द्र अरिदमन ने इस बात से इन्कार किया था कि सपा मुखिया उनसे नाराज हैं।
रघुराज प्रताप सिंह को भी सजा
जेल मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया की जेल सुधार को लेकर की जाने वाली बातें व बयानबाजी उन पर भारी पड़ी है। याद रहे कि उनकी कई बातों को लेकर विधानसभा में सरकार को किरकिरी का सामना करना पड़ा था। इससे भी सपा मुखिया कुछ क्षुब्ध थे। शायद यही वजह रही कि उनसे जेल की जिम्मेदारी लेकर सपा घराने के अति विश्वसनीय पार्टी प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी को सौंप दी गई है।
शिवपाल का कद बढ़ा
सरकार गठन के बाद से लगातार यह चर्चा हवा में तैर रही थी कि शिवपाल सिंह यादव का पहले जैसा महत्व इस बार नहीं है। पर, आज विभागों के बंटवारे में उनके विभाग यथावत रखते हुए उन्हें बाढ़ नियंत्रण, भूमि विकास एवं जल संसाधन व परती भूमि विकास विभाग और सौंपकर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि शिवपाल का महत्व यथावत है।
चलेगी नेता जी की इच्छा
मो. आजम खां, अंबिका चौधरी, अहमद हसन, बलराम यादव, आनंद सिंह, ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, राजाराम पाण्डेय, अवधेश प्रकाश के विभागों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। इससे साफ है कि जो नेता की की गुड बुक में होगा, वही सरकार की गुड बुक में होगा। चलेगी नेता जी की है। महेन्द्र अरिदमन व राजा भैया का कद घटना इसे साबित करता है।
बंटवारे में भी ब्राह्मण कार्ड
बंटवारे में भी सपा ने ब्राह्मण कार्ड का ध्यान रखा गया है। यही वजह रही कि विवादों में आने के बाद भी राजाराम पाण्डेय अपने विभाग बचा ले गए। ब्रह्माशंकर त्रिपाठी के विभागों से भी छेड़छाड़ नहीं की गई। विजय मिश्र को स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के रूप में मुख्यमंत्री ने अपने पास रखे अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत की जिम्मेदारी सौंप दी है तो अभिषेक मिश्र को भी विज्ञान व प्रौद्योगिकी की जिम्मेदारी सौंपी है। राज्यमंत्री बने मनोज पाण्डेय व पवन पाण्डेय को भी ठीक विभाग दिए गए हैं।
ओमप्रकाश सिंह का कद बढ़ा तो राजकिशोर का घटा
मुख्यमंत्री ने अभी तक भूमि विकास जलसंसाधन मंत्री ओमप्रकाश सिंह को अपने पास रखे पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी सौंपकर उनका कद बढ़ाया है तो राजकिशोर सिंह से उद्यान विभाग की जिम्मेदारी लेकर उनके भी पर कतर दिए हैं। माना जा रहा है कि उद्यान विभाग के कामकाज को लेकर शिकायतों ने सिंह से उद्यान विभाग हटवा दिया।
इंटर पास विनोद उर्फ पंडित सिंह देंगे शिक्षा
बंटवारे में विनोद उर्फ पंडित सिंह को मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्रियों की टोली में शामिल कर लिया है। इंटर पास विनोद सिंह को अपने विभाग में सहयोगी बनाकर मुख्यमंत्री ने उन्हें मंत्री पद तो दिया। पर, यह भी संदेश दे दिया कि इस बार वह पिछली बार की तरह से कोई उल्टा-सीधा काम न करें।