सूचना में यह भी सामने आया था कि वर्ष 2023 में वर्ष 2022 की अपेक्षा यमुना एक्सप्रेस-वे पर 100 सड़क हादसे अधिक हुए हैं। यही नहीं जहां वर्ष 2022 में 311 सड़क हादसे हुए थे, जबकि वर्ष 2023 में सड़क हादसों की संख्या 411 थी। वर्ष 2023 में घायलों की संख्या 725 थी। वर्ष 2022 में यह संख्या 621 थी। 104 व्यक्ति अधिक घायल हुए।
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थोड़ी सी राहत भरी खबर यह भी है कि वर्ष 2023 में 2022 के मुकाबले यमुना एक्सप्रेस-वे के सड़क हादसों में कम लोगों की मौत हुई। वर्ष 2023 में 92 लोगों की तथा वर्ष 2022 में 102 की मौत हुई। कुल मिलाकर वर्ष 2023 में यमुना एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसों में औसतन 4 दिनों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और प्रतिदिन घायल होने वालों की संख्या औसतन दो थी।
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522 की झपकी तो 201 की मौत ओवरस्पीडिंग से हुई
सूचना के प्रकाश में यदि यमुना एक्सप्रेस-वे के सड़क हादसों की संख्या की बात करें, तो वर्ष 2012 से वर्ष 2023 तक 7,625 हादसे हुए, जिनमें से झपकी लगने के कारण हुये हादसे 3,364 थे। ओवरस्पीडिंग के कारण 1,304 हादसे थे। इस अवधि में सभी हादसों में 1,320 लोगों की मौत हो गई, जिसमें से 522 लोगों की मौत झपकी आने से हुई और 201 लोगों की मौत ओवरस्पीडिंग के कारण हुई। इस अवधि में घायलों की संख्या 11,168 थी जिसमें से 4,181 लोग झपकी आने के कारण हुए। सड़क हादसों में घायल हो गए और 1,819 लोग ओवरस्पीडिंग के कारण घायल हुए।
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