ताजमहल की सुरक्षा जांच कतार में घंटों तक बीमार, बुजुर्गों और व्हील चेयर वाले दिव्यांगों को नहीं लगना पड़ेगा। सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने ऐसे पर्यटकों को प्रवेश में राहत दी है। पूर्वी गेट से प्रवेश के लिए सीआईएसएफ ने चार डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से जांच की व्यवस्था की थी। बुधवार को इसे बढ़ाकर छह कर दिया गया।
ताज में व्हील चेयर और बच्चों को ट्रॉली में बैठाकर लेकर आने वाले पर्यटकों को अलग कतार से प्रवेश दिया गया, वहीं बुजुर्ग और बीमार भी किसी भी सुरक्षा जांच कतार में आगे जाकर प्रवेश कर सकते हैं। उनके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। सुरक्षा जांच की दो कतार अलग होने से इनमें से बुजुर्गों के साथ आ रहे देसी, विदेशी पर्यटकों, बीमार, व्हील चेयर और ट्रॉली में बैठे बच्चों को निकाला जाएगा।
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इसी तरह पश्चिमी गेट पर फिलहाल प्रवेश की चार कतारें लगती हैं, जिनमें से एक को इसके लिए तैयार किया गया है। सीआईएसएफ के जवान दोनों प्रवेशद्वारों पर तैनात रहेंगे जो कतार में खड़े बुजुर्गों, दिव्यांगों और बीमारों को अलग कतार में लगकर प्रवेश दिलाएंगे। व्हील चेयर के साथ एक ही केयरटेकर को प्रवेश दिया जाएगा, जबकि बच्चों की ट्रॉली के साथ उनकी मां को प्रवेश दिया जाएगा। बुधवार को सीआईएसएफ अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिए गए, जिन्हें तुरंत लागू करा दिया गया। बता दें कि उज्बेकिस्तान के पर्यटक ने अपने बुजुर्ग पिता के साथ कतार में लगने पर वीडियो जारी किया था।
पश्चिमी पर भी विचार
सीआईएसएफ कमांडेंट वीके दुबे ने बताया कि ताजमहल के पूर्वी गेट पर सुरक्षा जांच के छह काउंटर रहेंगे, जबकि पश्चिमी गेट पर फिलहाल चार की ही जगह है। इसे बढ़ाकर छह करने का विचार है। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मरीज, बुजुर्ग, व्हील चेयर और बच्चों की ट्रॉली को कतार में लगने की जरूरत नहीं। किसी भी डीएफएमडी से वह सीधे जांच कराकर प्रवेश कर सकते हैं।