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सुविधा: नौ महीने तक गर्भवती की अपनों जैसी देखभाल, मिलेगा पूरा सम्मान, चिकित्सकीय स्टाफ को मिलेगा प्रशिक्षण

Sat, 18 Sep 2021 11:22 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि महिलाओं के अधिकार की रक्षा के लिए सरकार सख्त है। पहली बार गर्भवती महिलाओं के प्रसव तक उनके अधिकारों और ससम्मान देखभाल के लिए संस्था ने पहल की है, यह बेहद सराहनीय है। 
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आगरा: रेनवो अस्पताल के चिकित्सकों के साथ बीच में केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गर्भधारण से प्रसव तक महिलाओं की अस्पतालों में घर जैसी देखभाल होगी। प्रसव के वक्त अपनापन दिखाते हुए मधुर व्यवहार होगा। गोपनीयता और मौलिक अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा। इसी मकसद से फोग्सी (फेडरेशन ऑफ आब्सटेट्रिकल एंड गायनेकोलोजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया) ने आगरा के उजाला सिग्नस रेनबो अस्पताल में रेस्पेक्टफुल मेटरनल केयर की लॉन्चिंग की है। संस्था चरणबद्ध डॉक्टर समेत अस्पताल स्टाफ को प्रशिक्षित करेगी। इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन, इंडियन नर्स काउंसिल और व्हाइट रिबल एलाइंस भी सहयोग करेगी। 

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लॉन्चिंग करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय कानून राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि महिलाओं के अधिकार की रक्षा के लिए सरकार सख्त है। पहली बार गर्भवती महिलाओं के प्रसव तक उनके अधिकारों और ससम्मान देखभाल के लिए संस्था ने पहल की है, यह बेहद सराहनीय है। ऑनलाइन जुड़ते हुए फोग्सी अध्यक्ष शांता कुमार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से देश भर में गर्भधारण से प्रसव तक नौ महीने घर और अस्पताल में मिलनी वाली सुविधाओं में सुधार करते हुए बेहतर बनाना है। फोग्सी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि लॉन्चिंग में देशभर से ऑनलाइन विशेषज्ञ जुड़े हैं, चरणबद्ध यह प्रशिक्षण अभियान चलेगा। फोग्सी के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. ऋषिकेश पाई, उपाध्यक्ष डॉ. फेजी लुइस, व्हाइट रिबल एलाइंस की अपराजिता गोगोई, इंडियन नर्स काउंसिल के अध्यक्ष टी. दिलीप कुमार, डॉ. अर्चना वर्मा, वाईटीपी कमेटी की चेयरमैन डॉ. निहारिका मल्होत्रा, डॉ. केशव मल्होत्रा, पॉम्पी श्रीधर, ओस्मानिया मेडिकल कॉलज की डॉ. राजलक्ष्मी, भाजपा एनजी प्रकोष्ठ दिगंबर सिंह धाकरे ने भी विचार रखे।   

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चिकित्सकीय स्टाफ को यह दिया जाएगा प्रशिक्षण: 
- प्रसव के लिए जोर लगाओ, तीखी भाषा का उपयोग न करना।
- गर्भवती को चिकोटी काटना, कभी-कभार थप्पड़ मारना। 
- प्रसव कराते वक्त असभ्य भाषा का उपयोग न करना।
- स्नेह- सौम्य व्यवहार से प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करना। 
- नर्सिंग स्टाफ का जच्चा-बच्चा की बेहतर देखभाल करना।  
- प्रसव कक्ष में गोपनीयता, कक्ष का पूरा कवर होना।
- प्रसव कक्ष में चिकित्सकीय टीम के अलावा अन्य स्टाफ के प्रवेश न करना।
- गर्भवती महिला का अनादर, दुर्व्यवहार, भेदभाव रवैया न अपनाना।
 (जैसा कि फोग्सी की अध्यक्ष रहीं डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने बताया )

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