पुलिस भर्ती परीक्षा देने पहुंची अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र की जांच करती महिला सिपाही।
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यूपी में महिला पुलिस भर्ती के लिए फार्म भरे जा रहे हैं। 10 नवंबर तक अंतिम तिथि है। सरकार महिला अभ्यर्थियों से पिता के पते पर जाति प्रमाण पत्र मांग रही है, लेकिन लेखपाल पति के नाम पर अभ्यर्थियों को दौड़ा रहे हैं। फार्म में पति की जगह पिता का नाम लिखने पर आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं।
सदर, किरावली, एत्मादपुर, बाह, फतेहाबाद से लेकर खेरागढ़ तहसील में जाति प्रमाण पत्र के लिए 500 से अधिक आवेदन आए हैं। अकोला निवासी रोशनी सिंह ने बिंदु कटरा स्थित पिता के पते पर आवेदन किया। लेखपाल ने आवेदन में पति का पता दर्ज नहीं, यह कहते हुए आवेदन निरस्त कर दिया। यही, हेमलता कुमारी के आवेदन में हुआ। अयोध्या कुंज निवासी हेमलता ने मायके के पते पर जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। पिता का जाति प्रमाण पत्र साक्ष्य के रूप में दिया। लेखपाल ने आवेदन निरस्त कर दिया। इस तरह के 10 से 15 आवेदक रोज तहसील पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
अधिवक्ता नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि भर्ती वाले आवेदकों से लेखपाल 500 से 5000 रुपये तक प्रमाण पत्र के नाम पर कमीशन मांग रहे हैं। उधर, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि पिता के नाम पर आवेदन निरस्त करने की शिकायत प्राप्त हुई हैं। सभी तहसीलों के एसडीएम को इस संबंध निर्देश दिए हैं। शासनादेश के तहत प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। लेखपाल की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।