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अमर उजाला लाइव- स्कूल चले हम.....खुले स्कूल, बजी घंटी, मिले सहपाठी

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कासगंज। कोरोना काल में लंबे समय के बाद विद्यार्थियों के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूल सोमवार से खुले। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 50 फीसदी क्षमता के साथ कक्षाएं संचालित की गईं। पहले दिन विद्यार्थियों में कहीं उत्साह दिखाई दिया तो कहीं संख्या बेहद कम रही।
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पिछले लगभग 5 महीने से विद्यालय विद्यार्थियों के लिए बंद थे, अब सरकार ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए विद्यालय खोलने के निर्देश दिए। सोमवार को पहले दिन दो पालियों में कक्षाएं शुरू हुईं। सुबह 8 से दोपहर 12 बजे और दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:30 बजे की पालियां बनाई गई हैं। 50 फीसदी विद्यार्थी पहली पाली में और 50 फीसदी विद्यार्थी दूसरी पाली में बुलाए गए। विद्यार्थियों के सहपाठियों से मिल चेहरे खिल उठे।
सरस्वती विद्या मंदिर- सुबह 9:30 बजे
यहां कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराते हुए विद्यार्थी बुलाए गए। एक सीट के बाद दूसरी सीट को खाली रखा गया था। सीमित संख्या में बच्चे विद्यालय में थे। सभी मास्क लगाए हुए थे। विषयाचार्य विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। विद्यार्थी अनुशासन में दिखाई दे रहे थे। शिक्षा का माहौल दिखाई दिया।
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उच्च माध्यमिक विद्यालय बढ़ारी- सुबह 10 बजे
जनता उच्च माध्यमिक विद्यालय बढ़ारी बनुपुरा में कक्षा 10 तक की कक्षाएं संचालित हो रहीं थी। यहां कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थी 50 फीसदी क्षमता के अनुसार बुलाए गए। दो पालियों में कक्षाएं चलीं। पहली पाली में संख्या कम दिखाई दी। अध्यापक दीपराज माहेश्वरी पढ़ा रहे थे।
द्रोपदी देवी जाजू बालिका इंटर कॉलेज- सुबह 10:30 बजे
शहर के नदरई गेट स्थित द्रोपदी देवी जाजू सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों को सबसे पहले गेट पर ही गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा था। विद्यार्थी ही नहीं बल्कि अन्य कर्मचारी विद्यालय पहुंचे उनके सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए जा रहे थे। विधिवत कक्षाएं संचालित हो रहीं थीं।
बीएवी इंटर कॉलेज- सुबह 11 बजे
यहां विद्यार्थी अध्ययन कार्य में लगे हुए थे। सभी विद्यार्थी मास्क लगाए हुए थे। कुछ विद्यार्थी ड्रेस में थे तो कुछ बिना ड्रेस के थे। विद्यार्थियों की कुर्सियां दूर दूर दिखाई दीं। कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया जा रहा था। विद्यार्थी उत्साहित दिख रहे थे। शिक्षकों ने उन्हें गृह कार्य दिया।
विद्यार्थियों की बात-
- द्रोपदी देवी जाजू बालिका इंटर कॉलेज कक्षा 12 की छात्रा हूं। कोरोना काल की दूसरी लहर में विद्यालय बंद हो गए। लगभग 5 महीने बाद अब साथियों से विद्यालय में मुलाकात हुई। मन में बेहद खुशी हो रही है- तनिष्का चौहान।
- जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 10 का छात्र हूं। विद्यालय में शिक्षण कार्य करनें में अच्छा लगता है। ऑनलाइन पढ़ाई में इतना उत्साह नहीं होता जितना साथियों के साथ मिलकर शिक्षण कार्य में होता है- विपिन।
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