आगरा। त्योहार पर जब घर-घर में रंगाई, पुताई और सफाई चल रही है तब आधे शहर के चार लाख से ज्यादा लोग दो दिन से पानी न मिलने के कारण परेशान हैं। बृहस्पतिवार को भी सिकंदरा वाटरवर्क्स से जुड़े आधे शहर में जलापूर्ति ठप रही।
जलनिगम द्वारा बोदला सिकंदरा रोड पर 1200 एमएम व्यास की पाइप लाइन का हिस्सा बदलने के लिए दो जगह काम किया जा रहा है। इसके लिए बुधवार सुबह 10 बजे से बृहस्पतिवार रात 10 बजे तक 36 घंटों का शटडाउन लिया गया था। बृहस्पतिवार रात काम पूरा हो गया। जलनिगम ने शुक्रवार सुबह से जलापूर्ति बहाल करने का दावा किया है।
दो दिन से यहां परेशान रहे लोग
सिकंदरा वाटरवर्क्स पर 144 एमएलडी गंगाजल और 144 एमएलडी एमबीबीआर प्लांट बंद होने से सिकंदरा, बोदला, जगदीशपुरा, प्रकाश नगर, शाहगंज, रामनगर, केदार नगर, आवास विकास कॉलोनी, जयपुर हाउस, गढ़ी भदौरिया, कैलाशपुरी, मदिया कटरा, लोहामंडी, रूई की मंडी, पुलिस लाइन, अर्जुन नगर क्षेत्र में लोग परेशान हैं। इन क्षेत्रों में चार लाख से ज्यादा लोग जलकल विभाग की नल से आपूर्ति पर निर्भर हैं, जबकि बाकी सबमर्सिबल पंप से पानी लेते हैं। इन सभी लोगों ने जो पानी भरा, वह बुधवार शाम तक खत्म हो गया। लोहामंडी में लोगों को मुश्किलें ज्यादा रहीं। दरअसल, यहां मंगलवार रात से ही पाइप लाइन टूट जाने से पानी नहीं आया। इस तरह यहां 72 घंटे से लोग पानी के लिए सबमर्सिबल पंप की दौड़ लगाते नजर आए।
बेहद खराब है व्यवस्था
जलकल विभाग की टैंकर व्यवस्था बेहद खराब है। दो दिन के शटडाउन में लोग इतना पानी स्टोर नहीं कर सकते कि दो तीन दिन चल जाए। त्योहारी सीजन में घर की सफाई में पानी ज्यादा चाहिए। टैंकर से पानी कम मिला। -शरद चौहान, पार्षद लोहामंडी
आधा किमी जाना पड़ा
घरों में रंगाई, सफाई चल रही है। दो दिन से पानी नहीं मिल रहा। एक-एक बाल्टी के लिए आधा किमी तक जाना पड़ रहा है। पिछले सप्ताह टोरंट ने खोदाई में लाइन तोड़ दी थी। इस सप्ताह शटडाउन ने परेशान कर दिया। -किशोर माहौर, राजनगर
ज्यादा पानी की है जरूरत
त्योहारों का समय है। ऐसे मौके पर पानी दो दिन तक नहीं मिलने से परेशान हैं। गलत समय पर पानी की लाइन का काम कराया जा रहा है। वैकल्पिक इंतजाम के बिना शटडाउन नहीं करना चाहिए था। -राजकुमार नागरथ, अर्जुन नगर
अब लाइन नहीं होगी लीकेज
पानी की लाइन में इंटरकनेक्शन के लिए हमने पहले ही पाइप का काम बाहर करा लिया था, ताकि समय पर काम हो सके। इस लाइन में लगातार लीकेज थी, इसलिए बदल दिया। अब लीकेज की समस्या भी नहीं रहेगी। -महेश कुमार गौतम, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलनिगम