गड़बड़ी नंबर-3, 40 से ज्यादा लाइनों को क्रॉस कर रही
जीवनीमंडी से ताजगंज को 24×7 गंगाजल की आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन 40 से ज्यादा पानी और सीवर लाइनों को क्रॉस कर रही है। जीवनी मंडी रोड पर ही इस लाइन के नीचे 3 से 5 पाइप लाइनें हैं। सीवर और पानी की पुरानी लाइनों के लीक होने की स्थिति में मरम्मत करना मुश्किल हो जाएगा, जैसा शुक्रवार के लीकेज में सामने आया है। मिट्टी के भराव के दौरान अगर भारी दबाव से 1200 एमएम लाइन दबीं तो नीचे बिछीं पुरानी सीवर, पानी की लाइनें टूट सकती हैं।
एलाइनमेंट में बदलाव का प्रयास कर रहे हैं
जलनिगम, जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वे करके हमने यह एलाइनमेंट चुना था। जिस जगह लाइन लीक हुई है, वहां जलकल के पूर्व सचिव ने जैसा कहा, वैसे स्लैब डालकर पाइपलाइन बिछाई है। अभी तो पाइपलाइन में पानी नहीं चल रहा तो प्रेशर है ही नहीं। फिर भी हम एलाइनमेंट में बदलाव करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अब न हरियाली को नुकसान हो, न नीचे कोई लाइन मिले।
-आनंद मेनन, टीम लीडर, आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी
जलकल अफसरों के साथ रूट तय हुआ था
पानी की पाइपलाइन जहां भी बिछी हैं, वह क्रॉस करती ही हैं। जलकल विभाग के अफसरों के साथ निरीक्षण, सर्वे में रूट तय हआ था। उसी के मुताबिक पाइपलाइन बिछाई गई है। अब वह मरम्मत नहीं कर पा रहे तो स्मार्ट सिटी कंपनी क्या करे। हम उन्हें अपनी मशीनरी से सहयोग कर रहे हैं।
-आरके सिंह, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी
गलत एलाइनमेंट से भविष्य में होगा संकट
रिटायर्ड इंजीनियर अशोक प्रकाश के मुताबिक आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी ने जीवनी मंडी से ताजगंज के बीच गलत एलाइनमेंट चुना है। इस रूट पर पानी की बड़ी पाइपलाइन जमीन के नीचे बिछी हैं जो जर्जर हैं। भविष्य के लिहाज से यमुना किनारे से इस लाइन को गुजारना चाहिए था, जहां कोई लीकेज या गड़बड़ी होने पर सुधार और मरम्मत आसानी से हो सकता था। पानी की बड़ी पाइपलाइनों के नीचे कोई सीवर या पानी की लाइन न हो, यह आदर्श स्थिति रहती। जीवनी मंडी से ताजगंज के लिए यमुना किनारे एक पाइपलाइन जा रही है। उसी से सटाकर यह पाइपलाइन बिछाई जानी चाहिए थी। लेवल के लिए कई जगह कॉलम खड़े किए जा सकते थे लेकिन अधिकांश हिस्सा मिट्टी का है।
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