पालड़ा से 70 फीसदी कम मिला गंगाजल
जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से जुड़ी 28 इंच लाइन टूटने से आधा शहर जहां पानी का संकट झेल रहा है वहीं पालड़ा फॉल से भी गंगाजल की मात्रा एकाएक घट गई। उत्तराखंड के पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण नदियों में मिट्टी और सिल्ट कई गुना बढ़ गई है। आमतौर पर गंगाजल में 300 पीपीएम तक मिट्टी आ रही थी, लेकिन शनिवार से मध्य गंगा कैनाल पर 1800 पीपीएम सिल्ट आने पर सप्लाई बंद कर दी गई।
बुलंदशहर के पालड़ा फॉल को मध्य गंगा कैनाल और अपर गंगा कैनाल के जरिए गंगाजल मिलता है। ऐसे में इसका असर मंगलवार तक शहर की जलापूर्ति पर पड़ सकता है। शनिवार को आगरा को 70 फीसदी गंगाजल कम मिला। 370 एमएलडी के उलट आगरा को महज 120 एमएलडी गंगाजल मिला, जो जीवनीमंडी को भेजा गया। जीवनीमंडी पर लाइन टूटने के कारण अब इसे सिकंदरा वाटर वर्क्स पर ही उपचारित किया जाएगा। सिकंदरा वाटर वर्क्स पर 144 एमएलडी एमबीबीआर प्लांट को भी चलाया जा रहा है, हालांकि यमुना नदी में गोकुल बैराज से पानी छोड़ने के कारण गंदगी और जलकुंभी आ रही है जो पंप में फंस रही है।
मंगलवार तक ही स्थिति सामान्य होगी
बुलंदशहर के पालड़ा में मध्य गंगा कैनाल से सप्लाई बंद कर दी गई है। शनिवार से पानी की मात्रा 70 फीसदी तक कम हो गई है। मंगलवार तक ही स्थिति सामान्य हो पाएगी। तब तक लोग पानी का भंडारण करके चलें। फिजूलखर्ची न करें और पानी से जुड़े काम मंगलवार के बाद करें।
- आरके गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगाजल इकाई, जलनिगम
फिरोजाबाद में बड़ा हादसा: बिजली का खंभा हाईटेंशन तारों से टकराया, करंट आने से तीन की मौत