फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वोकेशनल पाठ्यक्रमों को पढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय की अनुमति का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पढ़ाई करना है। प्रत्येक सेमेस्टर में रोजगारपरक पाठ्यक्रम पढ़ना है। छात्र प्रवेश ले रहे हैं पर सभी कॉलेजों में उन्हें रोजगारपरक पाठ्यक्रम चुनने का विकल्प नहीं मिल पा रहा। कॉलेजों ने रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव विश्वविद्यालय को भेजे हैं। उनको पढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय की अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन

कॉलेजों में प्रथम वर्ष की कक्षाएं लगने लगी है। विश्वविद्यालय प्रशासन रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को मंजूरी देने के लिए अभी तक प्रस्तावों को बोर्ड ऑफ स्टडीज में नहीं रखा है। बोर्ड ऑफ स्टडीज में पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिलने के बाद क्रमश: विद्या परिषद और कार्य परिषद में रखा जाएगा। कार्य परिषद की मंजूरी के बाद संबंधित पाठ्यक्रमों को कॉलेज पढ़ा सकेंगे। अधिकतर कॉलेजों ने पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव बनाकर विश्वविद्यालय को भेजा है।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि दो नवंबर को कुलपति के आदेश पर कुलसचिव की ओर से रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की नियमावली तैयार करने के लिए चार सदस्यीय समिति बना दी गई है। इसमें बेसिक साइंस संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. अजय तनेजा, गणित विभाग के प्रो. संजय चौधरी, सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, सहायक कुलसचिव, आवासीय इकाई को रखा गया है। इनको जल्द बैठक करके अपनी संस्तुति देने के लिए कहा गया है। कमेटी को विश्वविद्यालय से संबद्ध सात कॉलेजों में संचालित रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की सूची भी दी गई है। इसमें आरबीएस कॉलेज के 16, बैकुंठी देवी कॉलेज के 06, श्रीमती बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज के पांच 05, डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय, औडन्य पडरिया, मैनपुरी के 12, श्री टीकाराम गर्ल्स पीजी कॉलेज के 06, बीडीएमएम गर्ल्स पीजी कॉलेज, शिकोहाबाद के 05, गंजडुंडवारा कॉलेज, गंजडुंडवारा, कासगंज के दो पाठ्यक्रम हैं। अगस्त में शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए नियमावली बनाना है।
विज्ञापन

स्नातक प्रथम वर्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सेमेस्टर परीक्षा होनी है। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्धारित फार्मेट पर कॉलेजों से जानकारी मांगी है। नौ नवंबर तक जानकारी देनी है। इसके बाद टीम बनाकर कॉलेजों का सत्यापन कराना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें