मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा का कहना है कि अस्पताल में 440 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। डेंगू की जांच कराई जा रही है। हम स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए नई बिल्डिंग में नए और नया वार्ड तैयार करा रहे हैं। जिसे आवश्यकता के अनुसार शुरू किया जाएगा।
सरकारी ट्रामा सेंटर में स्ट्रेचर पर लेटकर करा रहे इलाज
सौ शैय्या अस्पताल और नवनिर्मित बिल्डिंग में बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकारी ट्रामा सेंटर में 18 साल से अधिक उम्र के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जो बाद में वार्ड नंबर चार और पांच में पहुंचाए जा रहे हैं। बच्चों के साथ वयस्कों में भी डेंगू का असर जोर करने लगा है। ट्रामा सेंटर में सभी पलंग फुल थे। बरामदे और गैलरी में पड़ी स्ट्रेचर पर भी मरीजों को लेटाकर ड्रिप चढ़ाई गई। बरामदे में पड़ी स्लिप पर भी मरीज भर्ती किए थे। यही हाल वार्ड नंबर चार और पांच है। यहां भी सभी पलंग भरे हुए हैं।
निजी क्लीनिक की रिपोर्ट नहीं मान रहे
सौ शैय्या अस्पताल में निजी क्लीनिक की रिपोर्ट को चिकित्सक नहीं मान रहे हैं। चिकित्सक अस्पताल में ही रिपोर्ट कराने के बाद ही मरीज को भर्ती करने के लिए कह रहे हैं। यदि कोई मरीज प्राइवेट अस्पताल से गंभीरवस्था में रेफर किया जाता है तो पहले पैथोलॉजी में जांच कराकर रिपोर्ट आने तक का इंतजार करने के लिए कहा जाता है। अभिभावक अस्पताल के बाहर भीषण गर्मी में मरीज को लेकर इंतजार करते रहते हैं। बच्चों को बीमार देखकर वेबस अभिभावकों के आंखों में आंसू आ जाते हैं।
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