सेना की सलामी के बाद सैनिक को अंतिम विदाई दी गई।
- फोटो : संवाद
मामला मलपुरा थाना क्षेत्र के लालऊ गांव का है। गांव निवासी राहुल चाहर ने बताया कि वह 18 वर्ष से परिवार के साथ लालऊ में रह रहे हैं। उनके छोटे भाई अनिल चाहर (30) सेना में थे। अनिल 28 मार्च 2014 को 6-जाट रेजिमेंट में भर्ती हुए थ। वर्तमान में उनकी तैनाती उत्तराखंड के रानीखेत में लांस नायक के पद पर थी।
सेना की सलामी के बाद सैनिक को अंतिम विदाई दी गई।
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करीब दो महीने पहले 6 जाट रेजिमेंट कंपनी के साथ लद्दाख में एक विशेष ट्रेनिंग करने के लिए गए थे। बताया कि पिता पदम सिंह भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। मंगलवार की रात करीब 10 बजे आर्मी सेंटर से अनिल के निधन की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही सैनिक के घर में चीख पुकार मच गई। भाई राहुल ने बताया कि सुबह फोन पर बात हुई थी, तो रक्षाबंधन पर आने की बात कही थी। चार साल पहले अनिल की शादी हुई थी। उन पर दो पुत्री हैं। बड़ी बेटी ऋषिका तीन वर्ष और छोटी बेटी अंशिका आठ महीने की है। अनिल की पत्नी नीतू का रो-रो कर बुरा हाल है।