शहर में अर्जुन नगर, अजीत नगर, नरीपुरा, खेरिया मोड़, शिवनगर, बिजलीघर चौराहा, काजीपाड़ा, छीपीटोला, रामनगर पुलिया, मानस नगर, साकेत कॉलोनी, गोविंद नगर, जनता कॉलोनी, रामनगर पुलिया, केदार नगर, शंकरगढ़ पुलिया, आजमपाड़ा, अलबतिया रोड, अवधपुरी, सुभाष नगर, मारुति एस्टेट, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर चार रोड, कैलाशपुरी, मदिया कटरा, तोता का ताल, सेंट जोंस लोहामंडी रोड पर जलभराव हो गया। कई जगह दो से तीन फीट तक पानी भर गया।
बिजलीघर चौराहे पर जलभराव के कारण लोगों को रिक्शा के जरिए बस अड्डे से मंटोला की ओर जाना पड़ा। अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र यादव ने बताया कि बारिश के बाद शहर में जलभराव हुआ। नगर निगम के कर्मचारियों को बारिश के दौरान ही नालों से कचरा हटाने, जलभराव दूर करने के लिए भेज दिया गया था। बारिश बंद होने के एक घंटे बाद पानी निकल गया।
दुकानदारों ने जताई नाराजगी
शिवाजी मार्केट, राजामंडी, खेरिया मोड़, दयालबाग, वीआईपी रोड की दुकानों और बाजारों में पानी भर गया। इससे उनका काफी सामान खराब हो गया। दुकानदारों ने नाराजगी जताई। पूर्व पार्षद राजेश प्रजापति ने बताया बारिश के दौरान पानी का बहाव तेज था। गोकुलपुरा के ऊंचाई वाले इलाकों से पानी सीधे राजामंडी बाजार की ओर आता है।
यहां दुकानों में पानी भर गया। श्याम भोजवानी ने बताया कि शिवाजी मार्केट और बिजलीघर चौराहे पर पानी भरने से दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शमसाबाद रोड पर बेसमेंट की दुकानों में नाले का पानी उफनने से भर गया।
गड्ढों में गिरे दोपहिया चालक
उफने नालों का पानी सड़कों पर भरा तो गड्ढे नजर नहीं आए। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों में गिर पड़े। जगह-जगह गहरे गड्ढे होने और सीवर लाइन के धंसने के कारण दोपहिया वाहन चालक पानी में गिर गए। कई महिलाएं भी गिरीं। स्कूटी और बाइकें पानी भर जाने से बंद हो गईं। धक्का देकर वाहनों को जलभराव से निकालना पड़ा।
समस्या वही, निदान नहीं
शहर में बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव की पुरानी समस्या बनी रही, पर निदान नहीं निकल पाया। नगर निगम के सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंचे, पर पानी उतरने में समय लगा। अर्जुन नगर, खेरिया मोड़ पर दो फीट तक पानी सड़कों पर भरा रहा। यहां भूमिगत नाले और रेलवे कलवर्ट के जरिए पानी निकालने की समस्या का निदान नहीं हो पाया। इसी तरह शमसाबाद रोड पर भी पानी भरा रहा, जबकि यहां नाले को सीवर लाइन से जोड़ा गया है।