मेट्रो इंजीनियर टीम के साथ यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव
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ताजनगरी में मेट्रो का ख्वाब उतनी जल्दी साकार नहीं होगा, जितना जल्द लखनऊ और कानपुर में हुआ है। मेट्रो ट्रायल के लिए छह किमी ट्रैक में तीन किमी भूमिगत टनल खोदाई की वित्तीय स्वीकृति यूरिपयन इन्वेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) से नहीं मिलने से आगरा में मेट्रो ट्रायल पूर्व निर्धारित समयसीमा से 12 से 18 महीने पिछड़ गया है।
शनिवार को आगरा प्रोजेक्ट की समीक्षा के बाद उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने पत्रकारों को बताया कि अभी तीन एलिवेटेड स्टेशन बन रहे हैं, लेकिन तीनों पर ट्रेन नहीं चलाई जा सकती। तीनों भूमिगत स्टेशन ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद निर्माण के लिए यूरोपियन बैंक से क्लीयरेंस में छह महीने लग जाएंगे। उनकी कुछ आपत्तियां हैं, जिन्हें दूर कर रहे हैं।
'2024 तक पूरा होगा निर्माण'
भूमिगत मेट्रो स्टेशन समेत छह किमी ट्रैक प्राथिमकता कॉरिडोर निर्माण 2023 के अंत तक और 2024 की शुरुआती महीनों तक ही पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा आगरा में मेट्रो ट्रायल उतनी जल्दी शुरू नहीं हो सकता, जितना कानपुर और लखनऊ में पूरा हुआ है। कानपुर में नौ किमी का कॉरिडोर था। लखनऊ में आठ किमी और आगरा में छह किमी है। तीन एलिवेटेड स्टेशन 26 महीने में तैयार हो जाएंगे लेकिन फिलहाल मुझे तीन भूमिगत स्टेशन की चिंता है।