महापौर से राज्यपाल और अब कैबिनेट मंत्री का दायित्व
आगरा ग्रामीण विधानसभा से विधायक चुनी गईं बेबीरानी मौर्य ने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1990 में पार्टी में बतौर कार्यकर्ता की। 1995 में आगरा की पहली महिला महापौर बनीं। वर्ष 2002 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रहीं। 2007 में एत्मादपुर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा मगर जीत नहीं पाईं।
बाद भाजपा के प्रदेश संगठन में कई पदों पर रहीं। 26 अगस्त 2018 को उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल बनाकर भेजा गया। 2020 में उन्होंने इस्तीफा दिया। इसके बाद उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व दिया गया। विधानसभा चुनाव में उन्हें आगरा ग्रामीण सीट से टिकट दिया गया। अब कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।