एसपी सिंह बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के परिणाम सामने आने में अब दो दिन का समय रह गया है। एग्जिट पोल से आए रुझानों में भाजपा एक बार फिर यूपी में सरकार बना रही है, लेकिन इन सबके बीच लोगों की नजर इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चित रहीं सीटों पर भी है। इनमें से ही मैनपुरी की करहल विधानसभा भी है, जहां से सपा मुखिया अखिलेश यादव चुनाव लड़े हैं। भाजपा ने सपा मुखिया को टक्कर देने के लिए यहां से आगरा के सासंद और केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को चुनाव मैदान में उतारा है।
करहल विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प है। मुलायम सिंह यादव के गढ़ मैनपुरी की इस विधानसभा सीट से अखिलेश यादव पहली बार चुनाव लड़े हैं। यह विधानसभा सीट सैफई परिवार और खुद सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रतिष्ठा से जुड़ी है, इसीलिए इस सीट पर खुद मुलायम सिंह यादव ने तीन साल बाद अखिलेश के लिए वोट मांगे।
भाजपा ने लगाया पूरा जोर
पूरे देश की निगाहें इस वीवीआईपी सीट पर लगी हैं। भाजपा ने भी अखिलेश को टक्कर देने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को मैदान में उतारकर चुनाव को दिलचस्प बनाया है। भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य ने यहां जनसभाएं की, लेकिन अब बारी करहल की जनता की है, जिसने दोनों नेताओं के भाग्य का फैसला कर दिया है।
क्या कहता है एग्जिट पोल ?
करहल विधानसभा सीट पर टाइम्स नाउ वीटो की ओर से सर्वे किया गया। इसके मुताबिक अखिलेश यादव यहां से जीतने में कामयाब रहेंगे। हालांकि ये जीत बहुत बड़ी नहीं होने का अनुमान है। उन्हें इस सीट पर 50 से 55 फीसदी वोट शेयर मिल सकता है। भाजपा प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल को हार का सामना करना पड़ेगा। अंतिम नतीजा 10 मार्च को मतगणना के बाद ही पता चलेगा, लेकिन सभी की ये जानने में दिलचस्पी है कि यदि अखिलेश यादव जीत हासिल करते हैं तो जीत का अंतर कितना रहने वाला है।