कासगंज के जिला चिकित्सालय के डेंगू बार्ड में भर्ती डेंगू बुखार के मरीज ।
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कासगंज/ गंजडुंडवारा। जनपद में जानलेवा बुखार व डेंगू का कहर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को एक ग्रामीण चिकित्सक सहित तीन लोगों की डेंगू से मौत हो गई। जिससे जिला में मौत का शतक पार हो गया। आंकड़ा बढ़कर 101 पर पहुंच गया। मौत के बाद से परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। जिला में लगातार हो रही मौतों से लोगों में दहशत है।
ढोलना के जहांगीरपुर में ग्रामीण चिकित्सक डा. महेश को सात दिन पहले बुखार आया। वे इलाज के लिए अलीगढ़ चले गए। जहां चिकित्सकों ने उनको डेंगू पोजेटिव बताया। जहां उनकी अलीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत होते ही परिवार में कोहराम मच गया।
सोरों के सलेमुपर बीबी निवासी विशनुपांडे पुत्र कालीचरन को चार दिन पहले बुखार आया। परिजन उनको निजी चिकित्सक के पास ले गए। जहां चिकित्सक ने उनको डेंगू पोजेटिव बताया। इसके बाद परिजन उनको बरेली ले गए जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस गांव में अब तक आठ जानें डेंगू से जा चुकी है।
गंजडुंडवारा के चौडियाई निवासी सुरेश तिवारी (57) पुत्र कृष्ण मुरारी एवं उनकी पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सर्वेश कुुमारी को 10 दिन पहले बुखार आया। इसके बाद उनको निजी चिकित्सक को दिखाया गया। चिकित्सकों ने उनको डेंगू पोजेटिव बताया। इसके बाद दोनों को आगरा ले जाया गया। जहां सुरेश तिवारी की मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी का इलाज चल रहा है। मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के दावे को झुठला रहे जनप्रतिनिधि
कासगंज। जिला में डेंगू व जानलेवा बुखार से लगातार मौतें हो रही है। अब तक 101 जानें बुखार व डेंगू से हो चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग जनपद में बुखार व डेंगू से किसी की भी मौत न होने का दावा कर रहा है। विभाग के द्वारा प्रतिदिन जिला में डेंगू, मलेरिया, एवं वायरल संक्रमितों की रिपोर्ट जारी की जा रही है, लेकिन इस रिपोर्ट में मौत का आंकडा शून्य ही दर्शाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के इन दावों को जनप्रतिनिधि झुठला रहे है। जिला में होने वाली मौतों की सूचना के बाद जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों के पास पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। रविवार को मोहनुपरा में बुखार से एक युवक की मौत होने के बाद सदर विधायक देवेंद्र राजपूत पीड़ित परिवार से मिलने के लिए पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।