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एटा में खाकी पर बीमारी का कहर: डेंगू से आरक्षी की मौत, अलीगंज थाना में कई पुलिसकर्मी भी बीमार

Mon, 01 Nov 2021 12:23 AM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

अलीगंज के थाने में एक सिपाही की मौत से महकमे में बुखार को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। सिपाही को चार दिन पहले बुखार आया था। उसका नोएडा के एक निजी अस्पताल में अस्पताल में इलाज चल रहा था।
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एटा: मृत सिपाही का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा जनपद के अलीगंज थाने पर बीमारियों ने हमला कर दिया है। डेंगू से पीड़ित एक आरक्षी की रविवार तड़के मौत हो गई। तीन अन्य पुलिसकर्मी भी बीमार हैं। इससे पहले अलीगंज क्षेत्र का ही गांव बिल्सड़ डेंगू और लगातार मौत को लेकर चर्चा में रहा था। 
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खुर्जा जिला के गांव सीकरी निवासी मोहित कुमार पुत्र नेत्रपाल सिंह यहां अलीगंज थाने में तैनात थे। चार दिन पहले उन्हें बुखार आया। अगले दिन उन्होंने आकस्मिक अवकाश ले लिया। डेंगू की पुष्टि होने पर उनका इलाज नोएडा के एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा था। उनके भाई राहुल ने थाने पर सूचना दी कि रविवार तड़के करीब 3 बजे नोएडा में डेंगू के इलाज के दौरान मोहित की मृत्यु हो गई। इस पर थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने शोकसभा कर दो मिनट का मौन धारण किया। वहीं दो आरक्षियों को मोहित के पैतृक गांव भेजा गया है। इनके अलावा थाने में तैनात दो महिला आरक्षी और एक पुरुष आरक्षी भी बुखार की चपेट में हैं।

तीन दिन पहले आगरा में हुई थी एटा के आरक्षी की मौत
इससे पहले एटा के गांव नगला गलुआ निवासी आरक्षी शैलेष यादव की मृत्यु 28 अक्तूबर को आगरा में इलाज के दौरान हुई थी। उन्हें भी डेंगू था। उनकी तैनाती मथुरा जिले के दाऊजी थाने में थी। 
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आरक्षी मोहित को डेंगू हुआ था, जिसकी इलाज के दौरान नोएडा में मृत्यु हुई है। तीन अन्य आरक्षी बुखार से पीड़ित हैं। बीमारियों को लेकर थाने में अधिक सतर्कता बरती जाएगी। -राज कुमार सिंह, सीओ अलीगंज

 
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निजी लैब डेंगू जांच की नहीं दे रहीं सूचना
डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज से लेकर निजी नर्सिंग होम में मरीजों की भरमार है। वहीं निजी लैब में जांच कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है। तमाम लोगों को डेंगू बताया जा रहा है, लेकिन लैब संचालक स्वास्थ्य विभाग को जांच की सूचना नहीं दे रहे हैं।
पांच पैथोलॉजी लैब सीएमओ कार्यालय में हैं पंजीकृत 
जनपद में 100 से अधिक पैथोलॉजी लैब संचालित हैं, लेकिन सीएमओ कार्यालय में कुल पांच ही पंजीकृत हैं। संक्रामक रोग डेंगू व बुखार की शुरूआत के दिनों में स्वास्थ्य विभाग ने पैथोलॉजी संचालकों के साथ बैठक की। बताया कि जांच के दौरान अगर किसी व्यक्ति में मलेरिया व डेंगू के लक्षण मिलें तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। निजी पैथोलॉजी लैब में रैपिड किट के जरिये डेंगू की जांच की जाती है। विभाग के मुताबिक यह जांच पुष्ट नहीं होती। विभाग को मरीज की जानकारी मिल जाए तो पुष्टि के लिए उसका दूसरा सैंपल लेकर एलाइजा जांच कराई जाए, लेकिन अभी तक किसी भी लैब ने जांच की सूचना नहीं दी है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग लैब संचालकों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।
 
जिले में पैथोलॉजी लैब संचालकों द्वारा डेंगू जांच की सूचना विभाग को नहीं दी जा रही है। बीते दिनों बैठक हुई, इसके बाद भी संचालक गंभीरता नहीं बरत रहे है। अब उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। - आरके शर्मा, जिला मलेरिया
अधिकारी 

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