डीएम बोले, शासनादेश का पालन
रविवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के मुताबिक शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 256 के खराब स्तर पर रहा। ऐसे में हरित पटाखों की अनुमति किस आधार पर दी गई इस सवाल के जवाब में डीएम पीएन सिंह का कहना है कि शासनादेश का पालन किया जा रहा है।
ये होते हैं हरित पटाखे
- हरित पटाखों में सल्फर व नाइट्रोजन की मात्रा कम होती है। इन्हें जलाने पर 50 फीसदी कम धुंआ निकलता है। इनकी आवाज व रोशनी भी पारंपरिक पटाखों से कम होती है। सामान्य पटाखों की तरह इनका निर्माण नहीं होता। फिलहाल 169 प्रकार के हरित पटाखे ही प्रदेश में मान्य हैं।
शहर में वायु प्रदूषण का हाल
- संजय प्लेस- 124
- मनोहरपुर- 262
- आवास विकास- 313
- शास्त्रीपुरम- 290
- शाहजहां गार्डन- 299
यहां सजेंगी पटाखों की दुकानें
- कोठी मीना बाजार मैदान- 90 दुकानें
- जीआईसी खेल मैदान- 30 दुकानें
- सेक्टर-11 व 12 का पार्क- 25 दुकानें
- बैप्टिस्ट हायर सैकेंड्री स्कूल मैदान- 06 दुकानें
- कंपनी गार्डन का मैदान- 20 दुकानें
- भोलानाथ गुलाबचंद स्कूल मैदान- 05 दुकानें
- जैन मंदिर मैदान, हनुमान नगर- 05 दुकानें
- हाथीघाट पर गुलाटीदास मंदिर के पास- 10 दुकानें
- तालाब किनारे मैदान, रुनकता- 05 दुकानें
- एन्थम पाइप लाइन सेक्टर-15 मैदान- 25 दुकानें
- अब्बूलाल दरगाह का खाली मैदान- 50 दुकानें
- शक्ति नगर के पास मैदान- 15 दुकानें
आगरा: जिला जेल की विशेष बैरक में राजद्रोह के आरोपी कश्मीरी छात्र, पढ़िए घटनाक्रम