विश्वविद्यालय में नारेबाजी करते कर्मचारी
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दैनिक वेतनभागी कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ ने कार्य ठप कर हंगामा किया। विश्वविद्यालय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कुलसचिव को ज्ञापन दिया। कर्मचारियों को समायोजित न करने पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी 160 कर्मचारी हैं, जो 20 साल से यहां कार्य कर रहे हैं। अब जैम पोर्टल के जरिये निजी कंपनी को टेंडर दे दिया है, इसके चलते इन कर्मचारियों को 29 नवंबर तक ही कार्य करने के लिए नोटिस दिए हैं। ऐसे में यह कर्मचारी कैसे अपनी जीविका चलाएंगे, इसके चलते सुबह 10 बजे से ही कोई कर्मचारी अपने पटलों पर नहीं बैठा और कार्य बहिष्कार कर दिया।
समायोजित करने की मांग
दोपहर दो बजे के करीब कुलसचिव को ज्ञापन देकर कर्मचारियों को समायोजित करने की मांग की है। कुलसचिव ने कुलपति को इस मांग से अवगत कराते हुए जानकारी देने को कहा है। महामंत्री अरविंद गुप्ता ने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे।
घंटों इंतजार करने के बाद लौट गए छात्र
कर्मचारियों के कार्य ठप किए जाने से छात्रों को परेशानी हुई। दूरदराज से अंकतालिका, डिग्री समेत अन्य परेशानियों के लिए आने वाले छात्रों का कार्य नहीं हो पाया। ऐसे करीब 450 से अधिक छात्र लौट गए। छात्रों का कहना था कि विरोध प्रदर्शन ठीक है, लेकिन छात्र हित में पटलों पर कार्य जरूर करना चाहिए।