आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय इकाई संस्थानों में उन पाठ्यक्रमों में छात्रों की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है, जिनमें शिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं हैं। इनमें वर्षों से अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे थे। विश्वविद्यालय ने पहले उन्हीं पाठ्यक्रमों में विषय विशेषज्ञ देने का निर्णय लिया है, जिनमें शिक्षकों के स्वीकृत पद रिक्त चल रहे हैं।
ललित कला संस्थान के कई विभागों में शिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं हैं। इसमें संगीत विभाग, मूर्तिकला और फोटोग्रॉफी है। इन पाठ्यक्रमों में कोई पढ़ाने वाला नहीं है। 16 अगस्त से वही अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे थे, जिनकी नियुक्ति गत सत्र में हुई थी। विश्वविद्यालय के रुख के बाद यह भी असमंजस में हैं। अब पाठ्यक्रमों में शिक्षकों के मिलने पर जितनी देरी होगी, उसका असर छात्रों के शैक्षणिक सत्र और पढ़ाई पर पड़ेगा। यहां सात अतिथि शिक्षक तैनात थे। कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) में विदेशी भाषा विभाग के फ्रेंच और जर्मन पाठ्यक्रम में कोई स्वीकृत पद नहीं हैं। विषय विशेषज्ञों की इन पाठ्यक्रमों में तैनाती की स्थिति स्पष्ट न होने से नए प्रवेश नहीं लिए गए हैं। शिक्षकों के न मिलने या फिर देर से मिलने पर आईटीएचएम, दाऊदयाल वोकेशनल संस्थान में भी पढ़ाई प्रभावित होगी।
जिन पाठ्यक्रमों में शिक्षकों के स्वीकृत पद रिक्त हैं, उनमें पढ़ाने के लिए दो-तीन दिन में चयनित विषय विशेषज्ञों को भेज दिया जाएगा। जिन पाठ्यक्रमों में पद स्वीकृत नहीं हैं, उनमें कमेटी की रिपोर्ट के आधार दिवाली के तत्काल बाद नियमानुसार पद सृजित करके विषय विशेषज्ञ दे दिए जाएंगे। ऐसे पाठ्यक्रमों के औचित्य निर्धारण के लिए कमेटी बनाई गई है। एक-दो दिन में वह रिपोर्ट भी दे देगी। छात्रों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। - प्रो. आलोक राय, प्रभारी कुलपति, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय