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पेपर लीक मामला: सर्च वारंट के बाद पुलिस ने खंगाला तत्कालीन प्राचार्य का घर, परिजनों से पूछताछ

Sat, 26 Sep 2020 12:24 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टूंडला (फिरोजाबाद)

सार

  • विश्वविद्यालय की टीम ने कॉलेज के प्राचार्य सहित तीन के विरुद्ध के रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने प्राचार्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ दिन बाद जमानत पर वह बाहर आ गए। 
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प्राचार्य के घर के बाहर पुलिस टीम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फिरोजाबाद में पेपर लीक मामले में टूंडला स्थित ठा. बीरी सिंह महाविद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. बहादुर सिंह की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। पुलिस ने कोर्ट से जारी कराए सर्च वारंट के बाद शुक्रवार को प्राचार्य के घर तलाशी ली। परिजनों से पूछताछ करते हुए उनके बयान दर्ज किए गए।

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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के दौरान लीक हुए पेपरों के मामले में विश्वविद्यालय की टीम ने विगत 13 मार्च की रात ठाकुर बीरीसिंह महाविद्यालय और तत्कालीन प्राचार्य डॉ. बहादुर सिंह के घर में छापेमार कार्रवाई की थी। टीम ने अधिकारियों की निगरानी में उनके घर से ओएमआर सीट और विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बरामद हुए थे। मामले की कुलपति ने तीन लीक पेपरों की परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। 


14 मार्च को दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट 

14 मार्च को टीम में शामिल परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने थाने पहुंचकर नोडल अधिकारी प्राचार्य डॉ. बहादुर सिंह, लिपिक वीरेंद्र पाल सिंह, मोहम्मद इमरान रजा के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान डॉ. बहादुर सिंह की तबियत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 

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कुछ माह जेल में रहने के बाद प्राचार्य जमानत पर घर हैं। शुक्रवार को थाना पुलिस कोर्ट से जारी सर्च वारंट लेकर डॉ. बहादुर सिंह के घर तलाशी लेने पहुंची। टीम ने हर कोने में संबधित दस्तावेज तलाश किए, हालांकि कुछ पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। मौके पर प्राचार्य भी नहीं मिले। तब पुलिस परिजनों से गहन पूछताछ के बाद लौट गई। 

अभी तक जांच में मिला है 80 लाख का घपला

ठाकुर बीरी सिंह डिग्री कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. बहादुर सिंह के विरुद्ध पूर्व डीआइओएस रितु गोयल और कोषागार के लेखाकर की टीम द्वारा जांच की गयी थी। जांच में अब तक करीब 80 लाख का घपला सामने आया है। कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. रंजना कुलश्रेष्ठ का कहना है कि घपला दो करोड़ से अधिक का है। पूरी जांच होने पर 80 लाख से बढ़कर तीन करोड़ तक पहुंच जाएगा। 

क्षेत्राधिकारी (सीओ) टूंडला देवेंद्र कुमार ने बताया कि पेपर लीक के मामले में तत्कालीन प्राचार्य डॉ. बहादुर सिंह के विरुद्ध थाने में मामला दर्ज है। मामले में कोर्ट से सर्च वारंट जारी कराते हुए उनके घर की तलाशी ली गई थी। परिजनों से भी पूछताछ की गई।
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