इसका सीधा उदाहरण बैंक एटीएम हैं, जो आउटसोर्सिंग होने के बाद बदहाल हो गए, जबकि पहले बैंकों के हाथ होने पर रात में भी लोग इसका लाभ उठा रहे थे। प्रदर्शन में सौरभ शर्मा, मयंक सिंह, अमित यादव, प्रवीन कुमार, सुनील शर्मा, आकाशदीप, पायल बंसल, शालिनी, अंकित गर्ग, सुधीर सिंह राठौर, रितेश मित्तल, सागर गुजराती आदि मौजूद रहे।
एलआईसी बिल्डिंग पर यूनाइटेड फोरम का प्रदर्शन
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंक कर्मियों ने संजय प्लेस स्थित एलआईसी बिल्डिंग पर विरेाध प्रदर्शन किया। इस दौरान गजेंद्र सिंह, पंकज शर्मा, शैलेंद्र झा, महेंद्र चावला, सुरेश बाबू, पुनीत सक्सेना, मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे।
यूएफबीयू के संयोजक गजेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तो दो दिनों की हड़ताल की है। सरकार जनविरोधी नीति और बैंकों के निजीकरण पर अड़ी रही तो यूनाइटेड फोरम इस हड़ताल को आगे बढ़ाने पर विचार करेगी।
'वेतन कटवा कर रहे हड़ताल'
यूनाइटेड फोरम के सुरेश बाबू ने कहा कि बैंक कर्मचारी अपना वेतन कटवा कर हड़ताल कर रहे हैं। यह आंदोलन लोगों की जमा पूंजी बचाने का है। बैंक बचाओ, देश बचाओ के नारे के साथ हमारे ग्राहक भी साथ खड़े हों।
यूनाइटेड फोरम के शैलेंद्र झा ने कहा कि सरकार बड़े औद्योगिक ग्रुपों से एनपीए वसूल नहीं पा रही। उसकी भरपाई के लिए ऐसे ऐसे निजीकरण और शेयर हिस्सेदारी घटा रही है। इससे बैंकिंग सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगा
ग्राहक रवि वर्मा ने कहा कि एटीएम में पैसे नहीं है। आउटसोर्सिंग करने के बाद एटीएम का ये हाल है कि 10 में से कोई एक एटीएम काम कर रहा है। 5 किमी का चक्कर लगाया, तब एक एटीएम से पैसे निकाल पाया।