मैनपुरी में साइबर अपराधियों को प्री-एक्टिवेटेड सिम बेचने वाले दो शातिर युवकों को साइबर सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 169 एक्टिव सिम, मोबाइल व बायोमैट्रिक मशीन बरामद हुई है। शुक्रवार को एसपी ने प्रेसवार्ता कर कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि पकड़े गए शातिर 200 रुपये की सिम को एक्टिव कर 2000 रुपये में गैंग के लोगों को बेच देते थे। इसके साथ ही यह लोग फर्जी आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस आदि बनाकर भी अपने साथियों को भेजते थे। जिनको ऑनलाइन खरीदारी करने में प्रयोग किया जाता था।
साइबर सेल प्रभारी विक्रम सिंह और उनकी टीम को बृहस्पतिवार की रात सूचना मिली कि लोगों के खातों से रुपये निकालने वाले गैंग को प्री-एक्टिवेटेड सिम बेचने वाले दो शातिर युवक डिलीवरी देकर वापस लौट रहे हैं।
बस अड्डे से पकड़े गए आरोपी
इस सूचना पर प्रभारी ने कोतवाली पुलिस के सहयोग से बस अड्डे से विकास कुमार निवासी गांव थाना लहरपुर सीतापुर और लोकेश चंद्र निवासी गांव मुगलपुर थाना लहरपुर सीतापुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर युवकों ने बताया कि वह मांग के अनुसार सिमों को एक्टिव कर साइबर ठगों को बेचते हैं।
एसपी अशोक कुमार राय ने बताया कि पकड़े गए दोनों युवक शातिर अपराधियों के संपर्क में थे। वह लोग जनपद सीतापुर व लखीमपुर खीरी के डिस्टीब्यूटरों से सिम कार्ड खरीदते थे। डिस्ट्रीब्यूटर इन सिमों को एक्टिवेट कर देते थे, इसके बाद ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों को विभिन्न राज्यों में उपलब्ध कराते थे।
एसपी ने बताया कि प्री-एक्टिवेट सिम दिल्ली, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश के कई जनपद में कोरियर के जरिए भी गैंग के साथियों को भेजते थे। इनके अन्य साथियों का भी पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल होने का खतरा
एसपी ने बताया कि फर्जी सिम देश विरोधी गतिविधियों में भी प्रयोग होने का खतरा है। यह लोग फर्जी आईडी मेकर एप और बेस्ट आईडी कार्ड प्रिंट बेबसाइअ के जरिए फर्जी पेन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर अपने साथियों को भेजते थे।
जिसका फर्जी तरीके से विभिन्न बेवसाइट पर खरीदारी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इनके द्वारा अपने विज्ञापनों पर नंबर डाल दिए जाते थे। उन सिमों पर पेटीएम खाता पहले से खुला होता था। ठगी करने के बाद उक्त नंबर पर ही रुपये ट्रांसफर कराते हैं। इसके बाद तुरंत ही खाते से रुपये निकाल लेते हैं।
गैंगेस्टर के तहत होगी कार्रवाई
एसपी ने बताया कि युवकों के खिलाफ गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की गई है। धोखाधड़ी से अर्जित की गई चल अचल संपत्ति के बारे में जानकारी की जा रही है। उक्त संपत्ति को कुर्क किए जाने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।