105 किलोमीटर लंबी आगरा-इटावा एकल रेल लाइन का विद्युतीकरण पूरा हो गया है। चंबल के बीहड़ से होकर गुजरने वाले इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन संचालन शुरू करने से पहले रविवार को झांसी के लोको शेड के इंजन से ट्रायल भी किया गया। अभी मुख्य संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलना बाकी है। इस ट्रैक पर विद्युतीकरण होने से लखनऊ, कानपुर से टूंडला जंक्शन होकर आगरा फोर्ट तक आने वाली ट्रेनें वाया भांडई होकर सीधे आगरा कैंट आ सकेंगी।
आगरा कैंट से भांडई वाया उदी मोड़ होकर इटावा तक सिंगिल रेलवे ट्रैक का निर्माण वर्ष 2015 में किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि बटेश्वर से जाने वाले इस ट्रैक पर आगरा कैंट-इटावा पैसेंजर ट्रेन का संचालन भी 2015 में शुरू किया गया था। इस ट्रैक से होकर इटावा पैसेंजर के अलावा सप्ताह में दो दिन चलने वाली एक अन्य ट्रेन भी गुजरती है।
आगरा: नाबालिग को अगवा कर ऑटो से ले गया था युवक, शातिर ने की थी पूरी तैयारी, पुलिस को मिले अहम सुराग
दो साल पहले इस ट्रैक के विद्युतीकरण का काम शुरू किया गया था। प्रयागराज के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय के मुताबिक, इस ट्रैक का 100 फीसदी विद्युतीकरण हो चुका है। इस सिंगिल लाइन सेक्शन को 25 केवी, एसी सिंगल फेज, 50 हर्ट्ज पर ओएचई को ऊर्जीकृत कर दिया गया। रविवार को इस ट्रैक पर झांसी के लोको इंजन से ट्रायल भी सफलता पूर्वक कर लिया गया। अब अगले तीन से चार महीने में इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकता है। अभी इस ट्रैक पर संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलना बाकी है। आगरा रेल मंडल के वाणिज्य प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि चंबल के ट्रैक का विद्युतीकरण पूरा हो गया है।