मैनपुरी। हिंदू धर्म में रक्षाबंधन के त्योहार का विशेष महत्व है। यह त्योहार रक्षा का प्रतीक है। इस त्योहार पर भाई अपनी बहन से रक्षा सूत्र बंधवाकर उसकी रक्षा का संकल्प लेता है। हालांकि इस बार हमें कुछ नया भी करना होगा। इस बार हम सभी मिलकर इस रक्षाबंधन मानव जीवन के हित में पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर उनकी रक्षा और देखरेख का संकल्प लें।
मानव जीवन के लिए शुद्ध हवा और पानी आवश्यक है। इसके बावजूद पेड़ों का अंधाधुंध कटान किया जा रहा है। आलम यह है कि विगत पांच साल में जिले में 25 हजार से अधिक पेड़ों का कटान किया गया। बड़ी संख्या में पेड़ हाईवे चौड़ीकरण की भेंट चढ़ गए तो निजी भूमि पर लगे हजारों पेड़े भी काटे गए।
हालांकि पौधरोपण की बात की जाए तो यह न के बराबर किया गया। रोड़ चौड़ीकरण में काटे गए पेड़ जिले में भूमि न होने के चलते नहीं रोपे जा सके। ऐसे में ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ जिले के लोगों से इस रक्षाबंधन पेड़-पौधों की सुरक्षा का आह्वान करता है।
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पौधरोपण के साथ देखरेख भी है जरूरी
आम तौर पर लोग उत्साह पूर्वक पौधरोपण करते हैं लेकिन पौधरोपण के साथ ही पौधों की देखरेख भी जरूरी है। देखरेख के अभाव में हाल ही में रोपे गए कई पौधे सूख गए तो कुछ पौधों को जानवरों ने नुकसान पहुंचाया। यदि हम सभी मिलकर पौधों की रक्षा का संकल्प लेंगे तो निश्चित ही जिले में हरियाली बढ़ेगी।
मेरा सभी भाई-बहनों से अनुरोध है कि अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम से जुड़ें और पौधों की रक्षा का संकल्प लें। मैं और मेरा परिवार पेड़-पौधों को रक्षासूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर लेंगे।
- प्रमोद दुबे बाबा, अध्यक्ष गोसेवा समिति
मेरी ओर से अभियान चलाकर जिलेभर में पौधे रोपे जा रहे हैं। देखरेख के अभाव में कई पौधे सूख भी जाते हैं। यदि हम अपने आसपास के पौधों की रक्षा का संकल्प ले लें तो निश्चित ही यह पौधे पेड़ बन जाएंगे।
-अनमोल शाक्य, पर्यावरणप्रेमी