ताजमहल में नमाज के बाद शनिवार को राष्ट्रीय महिला परिषद की तीन सदस्यों ने पूजा और आरती की। सुबह तीनों महिलाओं ने राष्ट्रीय बजरंग दल के सदस्यों के साथ ताज के अंदर मस्जिद की ओर जाकर जलाभिषेक किया और फिर धूप बत्ती जताई।
विज्ञापन
उन्होंने जय श्रीराम और ओम नम: शिवाय के मंत्रों का उच्चारण किया। ताज के अंदर पूजा और आरती का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। एएसआई ने इस मामले में तीनों महिलाओं के खिलाफ थाना पुलिस में शिकायत की है और सीआईएसएफ से पूजन सामग्री अंदर जाने पर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
शनिवार को जारी हुए इस वीडियो में राष्ट्रीय महिला परिषद की जिलाध्यक्ष मीना दिवाकर और उनकी दो साथी दिखाई दे रही हैं। तीनों महिलाएं पहले जलाभिषेक करती हैं और उसके बाद वे ताजमहल के एक कोने में जाकर धूप बत्ती जलाते हुए आरती करती हैं।
Trending Videos
दिल्ली तक गरमाई सियासत
वीडियो से ली गई तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
पूजा के बाद महिलाएं जय श्रीराम का नारा लगाती हैं। पूजन की मुद्रा में बैठकर फोटो खिंचाये जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया ताजमहल के अंदर मस्जिद में होती है। इसके बाद महिलाएं ताजमहल से बाहर आ जाती है।
ताज में पूजन, आरती के बाद दिल्ली तक सियासत गरमाई तो पुलिस, प्रशासन भी हरकत में आया। इस बीच हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि महिलाओं के खिलाफ अगर कोई कार्रवाई की गई तो वह आंदोलन करेंगे। महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई से पहले वह उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जिन्होंने एएसआई की मनाही के बाद भी नमाज अदा की थी।
राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष गोविंद पाराशर ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई को राष्ट्रीय बजरंग दल आंदोलन करेगा। यदि प्रशासन को कार्रवाई करनी है तो पहले उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई जिन्होंने नियमों को तोड़कर वहां नमाज अदा की थी। हमने तो केवल ताज में आरती करने की घोषणा की थी इस पर ही जेल में डाल दिया था। नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
'देश में कानून सबके लिए'
राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष संजय जाट ने कहा कि राष्ट्रीय महिला परिषद की जिलाध्यक्ष मीना दिवाकर ने उन लोगों को जवाब दिया है जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के नियमों को धज्जियां उड़ाकर वहां नमाज अदा की। देश का कानून सबके लिए एक है। इनके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले प्रशासन को उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने नियम तोड़े थे।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि एएसआई एक्ट के उल्लंघन की हमने पुलिस से शिकायत की है, वहीं सीआईएसएफ से जवाब मांगा है कि ज्वलनशील पदार्थ और पूजन सामग्री कैसे अंदर पहुंच गई।
तीन नवंबर को एएसआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर वजू टैंक पर ताला लगा दिया था। साथ ही कह दिया कि ताजमहल में जुमे को छोड़कर किसी और दिन नमाज नहीं होगी।
इस पर 13 नवंबर ( दिन मंगलवार ) को पांच मुस्लिम टिकट खरीदकर ताज की मस्जिद में गए और एएसआई के आदेश को चुनौती देते हुए नमाज अदा की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके बाद 14 नवंबर को एएसआई ने ताज में नमाज के आदेश का गजट प्रवेश द्वार पर चस्पा कर दिया था।
ताजमहल में नमाज अदा किए जाने पर राष्ट्रीय बजरंग दल ने विरोध जाहिर किया। साथ ही एलान किया था कि ताजमहल में पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद भी प्रशासन सर्तक नहीं हुआ और ताज की सुरक्षा का धता बताते हुए पूजा की गई।