फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताज के पश्चिमी गेट पर मंदिर का रास्ता रोके जाने पर भड़के विहिप कार्यकर्ता, हंगामा

Sat, 17 Nov 2018 01:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
इसी रास्ते को लेकर है विवाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

ताजमहल के पश्चिमी गेट पर मंदिर का रास्ता बंद करने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भड़क गए। रास्ता रोके जाने के लिए गेट लगाने की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और काम रुकवा दिया। हालांकि तब तक गेट लग चुके थे। बाद में जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार के साथ हुई बैठक में इन गेटों को अगले शुक्रवार तक बंद न करने का निर्णय लिया गया है।

विज्ञापन


ताज में प्रवेश के लिए टर्न स्टाइल गेट की व्यवस्था शुरू करने के लिए पश्चिमी गेट की ओर से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता बंद किया जाना है। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता इस रास्ते को बंद करने का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। कई बार हंगामा भी हुआ है। 

इस पर शुक्रवार को ताजमहल बंद होने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में पुरातत्व विभाग ने मंदिर के रास्ते पर गेट लगाने का काम शुरू किया। उन्होंने गेट लगा भी दिया था। इसी बीच विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता सूचना मिलने मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

एक सप्ताह का दिया समय

एडीएम सिटी केपी सिंह और एसपी सिटी प्रशांत वर्मा ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। इस पर काम रुकवा दिया गया। इसके बाद डीएम के साथ बैठक हुई। बताया गया कि यह कार्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। 

इस पर विहिप कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा से मिलने तक रास्ता न रोकने के लिए कहा। इस पर डीएम ने उन्हें एक सप्ताह का समय दिया है। इस दौरान विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर, राकेश त्यागी, रवि दुबे, गगन तोमर, सोनू दीक्षित, संजय दुबे, जितेंद्र सिकरवार, प्रशांत दुबे आदि मौजूद थे। 

एएसआई और प्रशासन पर निशाना
विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर ने एएसआई और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर हिंदू धार्मिक स्थलों के रास्ते रोके जा रहे हैं, लेकिन ताज में नमाज नहीं रोक पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि एएसआई और प्रशासन की यह दोहरी नीति सहन नहीं की जाएगी। 

सुनील पाराशर ने कहा कि यदि ताजमहल को खतरा है तो उसके साथ समान कानून लागू किया जाए। ताज के पास प्राचीन शिव मंदिर है। उन्होंने एलान किया प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखना चाहता है तो मंदिर के रास्ते को नहीं रोका जाए। यदि रास्ता रोका गया तो विहिप आंदोलन करेगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें