कलक्ट्रेट परिसर में बैठते थे आरोपी
उसने बताया कि कलक्ट्रेट में तख्त लगाकर बैठने वाला अमर सिंह निवासी नगला नया दीवानी और जबर सिंह निवासी रूपपुर सदर कोतवाली शस्त्र नंबर व धारक की जानकारी देते थे। वहीं लंबे उर्फ सुनील निवासी ऑफिसर्स कॉलोनी, कॉलोनी के पीछे ही लाइसेंस पर मोहर आदि बनाने का काम करता था। शमशाद निवासी काजीटोला बेवर और शंकर उर्फ रामपाल निवासी जीटी रोड बेवर ने उसे कूटरचित लाइसेंस बनवाने के लिए दिए थे।
शमशाद ही लाइसेंस बनाने का ठेका लेता था। सीओ ने बताया कि उमेश चंद्र, शंकर उर्फ रामपाल और अमर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। तीन आरोपी जबर सिंह, लंबे और शमशाद की तलाश की जा रही है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस का काम करने वाले मुख्य व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली है। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही इस धंधे से जुड़े कई और लोग सामने आएंगे।
शंकर ने भी बनवा रखा है फर्जी लाइसेंस
सीओ सिटी ने बताया कि पकड़े गए शंकर ने भी अपना फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा रखा है। वह हत्या के एक मामले में पूर्व में जेल जा चुका है। पूर्व में उक्त लोगों द्वारा फर्जी लाइसेंस जारी किए गए हैं। उनके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।
इन लोगों के नाम के मिले फर्जी लाइसेंस
इंस्पेक्टर कोतवाली ने बताया कि शातिरों के कब्जे से चार फर्जी शस्त्र लाइसेंस मिले। यह लाइसेंस रामपाल सिंह निवासी राजा का बाग, सोनू तिवारी निवासी खरगजीत नगर, सतीश दुबे निवासी वंशीगोहरा और अतुल सिंह निवासी आवास विकास कालोनी के नाम के थे।