फिरोजाबाद। नई आबादी वाले क्षेत्रों की गलियों और रास्तों का पानी तो निकाल दिया गया। लेकिन प्लॉटों में अभी भी बारिश का पानी भरा हुआ है। वहीं पानी निकासी के बाद रास्ते दलदल में तब्दील हो गए। जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
नगर निगम की सीमा में शामिल हुए उर्दूनगर, अब्बास नगर, लालऊ रोड गोविंद नगर, रहना, हसमत नगर, श्रीपाल कॉलोनी, ककरुऊ नई आबादी, नगला पान सहाय, नगला पचिया सहित कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां से गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। जिससे बारिश का पानी इन क्षेत्रों में खाली पड़े प्लॉटों में भरा है। गंदगी से डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसे गंभीर रोगों के फैलने का भय बना हुआ है।
सालों बाद भी नहीं हुआ स्थाई समाधान
नगला पचिया, लेबर कालोनी, दतौजीखुर्द, मायापुरी, श्रीपाल कॉलोनी, महादेवनगर के अतिरिक्त करीब 12 स्थानों से पानी की निकासी की व्यवस्था जलकल द्वारा पिछले कई वर्षों से की जाती है। लेकिन आज तक अफसर पानी निकासी के लिए स्थाई समाधान नहीं कर सके है। जिससे लोगों को दिक्कत होती है।
कई बार फैली हैं बीमारियां
रामनगर, छारबाग, संतनगर, ककरुऊ कोठी क्षेत्र के साथ अन्य क्षेत्रों में जलभराव और गदंगी के कारण डायरिया जैसी बीमारियों के फैलने के बाद कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन अफसर नई आबादी वाले क्षेत्रों में न तो साफ सफाई की ओर ध्यान देते और न ही पानी निकासी के लिए कोई सकारात्मक पहल की जाती है।
करीब 25 से 30 स्थानों पर पानी निकासी की व्यवस्था की गई है। खाली प्लॉटों में जलभराव है। साफ-सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है। -रामबाबू राजपूत, महाप्रबंधक जलकल