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हिरनगांव गोशाला में प्रधान, सचिव के आपसी मतभेद में भूख से तड़प रहे गोवंश, चार की मौत

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टूंडला। हिरनगांव स्थित गोशाला में लगातार गोवंश की मौत हो रहीं हैं। एक सप्ताह में यहां चार गोवंश की मौत हो चुकी है, लेकिन उनका अंतिम संस्कार नहीं कराया जा सका था। खेतों में गायों के शव पड़े देख ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। बीडीओ के आदेश पर रविवार को सचिव ने तीन दिन बाद गोवंश का अंतिम संस्कार कराया।
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थाना टूंडला की ग्राम पंचायत लतुर्रा के हिरनगांव स्थित बंद पड़ी फैक्ट्री में संचालित अस्थाई गोशाला में लगभग 80 गोवंश हैं। गोशाला की स्थिति लंबे समय से दयनीय बनी हुई है। यहां गोवंशों को समुचित चारा न मिलने से उनकी आए दिन मौत हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गोवंश की इस स्थिति के लिए ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान के बीच चल रही आपसी खींचतान है। दोनों के बीच आपसी मतभेद के चलते गोवंश को चारा और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। गोवंशों की दयनीय हालत देख केयर टेकर सहदेव यादव गोवंशों को गोशाला से बाहर निकाल देता है।
केयर टेकर ने एक सप्ताह पूर्व भी भूख से तड़प रहे गोवंशों को गोशाला से बाहर निकाल दिया, जिससे वे अपना पेट भर सकें। सहदेव ने बताया कि उसे चार माह से वेतन नहीं दिया गया है। बताया कि तीन गायों के शव चार दिन से खेतों में पड़े हुए थे। इन्हें देख रविवार को ग्रामीणों ने हंगामा किया तो सचिव ने गांव पहुंचकर गायों का अंतिम संस्कार कराया। गोवंशों के अंतिम संस्कार के मौके पर सीपू यादव, सुनील कुमार, सौरभ सिंह, विकास सिंह, अभिषेक कुमार, विश्वदीप सिंह, मनीराम, पवन कुमार मौजूद रहे।
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प्रधान सुबोध कुमार अनुरागी का कहना है कि सचिव उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। वहीं सचिव अमित कुमार यादव का कहना कि प्रधान ने उन्हें पंचायत में न आने की धमकी दी है। इसलिए चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
गोवंशों के मरने की सूचना मिलने पर सचिव को गांव भेजकर अंतिम संस्कार कराया है। गोशाला से गायों को बाहर निकालने व चारा न होने की शिकायत मिली है। प्रधान व सचिव को नोटिस दिया जा रहा है। दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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प्रेमपाल सिंह, बीडीओ।
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