कासगंज। शहर के नागरिक समस्याओं से त्रस्त हैं। वर्षों से यह समस्याएं खड़ी हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। शहर के कारोबारी और नागरिक चाहते हैं कि शहर में बंदरों से निजात मिले। वहीं ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारा जाए। बारिश में जलभराव से बाजारों में दुकानदारों को नुकसान होता है। लोगों का कहना है कि शहर के नालों की वर्षों से सफाई नहीं कराई गई है। नाले सिल्ट से अटे हुए हैं। केवल ऊपर ऊपर से सफाई की औपचारिकता होती है। नालों की तलीझाड़ सफाई हो तो जलभराव की समस्या का कुछ समाधान हो सके। अमर उजाला ने बारहद्वारी बिलराम गेट बाजार में लोगों से संवाद किया तो उन्होंने शहर की समस्याएं गिनाते हुए निदान की मांग की। लोगों ने बातचीत में पुराने पालिका बोर्ड पर आक्रोश जताते हुए निशाने साधे। शहर की सफाई व्यवस्था पर भी लोगों ने सवाल खड़े किए। सर्वाधिक आक्रोश बंदरों को लेकर था।
पालिका बोर्ड समस्या पर नहीं देती है ध्यान
- शहर में बंदरों का जबरदस्त उत्पाद है। हर जगह बंदर नजर आते हैं। सुबह के समय गलियों से निकलना बड़ा मुश्किल होता है। स्कूल जाने वाले बच्चों पर बंदर अक्सर हमला करते हैं। शहर को बंदरों से निजात दिलाना जरूरी है। पालिका बोर्ड इस समस्या पर ध्यान नहीं देती। - अजय तिवारी
- शहर में बाजारों की सडक़ें जर्जर हाल हैं। आवागमन में दिक्कते होती हैं। शहर का सबसे बड़ा मुद्दा जलभराव का है। थोड़ी सी बारिश होने पर ही बाजारों में जलभराव हो जाता है। ड्रेनेज सिस्टम को सुधारा जाना जरूरी है। जिससे जलभराव की समस्या से निजात मिले। - अरविंद माहेश्वरी
- शहर में कूड़े की सफाई के उचित इंतजाम नहीं है। शहर से निकलने वाला कूड़ा बाहरी इलाके में डाल दिया जाता है। जिससे शहर में आने जाने वाले लोगों को गंदगी से दिक्कत होती है। देर से कूड़ा उठाया जाता है। जिससे लोगों को परेशानी होती है। - ज्ञान गुप्ता
- शहर में तमाम समस्याएं हैं, लेकिन निस्तारण को कोई गंभीर नजर नहीं आता। इस बार ऐसे चेयरमैन को चुना जाएगा जो लोगों के बीच में रहता है। शहर की समस्याओं का समाधान जरूरी है। जर्जर हाल गलियों व बाजारों की सड़कों को ठीक कराया जाए। - कन्हैया लाल