आगरा: पोस्टमार्टम गृह पर डीएम और एसएसपी
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ताजनगरी में बुधवार को वाल्मीकि जयंती पर प्रशासन के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती रहा। पहले जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में अरुण नरवार के शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद एडीएम सिटी और एडीएम प्रोटोकॉल सहित भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में मल्ल का चबूतरा श्मशान घाट पर दाह संस्कार किया गया। इसके बाद प्रशासन की जान में जान आई। आगरा जिला मजिस्ट्रेट प्रभु एन सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों के लिए दस लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा सरकार ने की है। परिवार के एक सदस्य के नगर निगम में नौकरी दी जाएगी। पीड़ित परिवार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
जगदीशपुरा थाने में चोरी के आरोपी अरुण नरवार की पुलिस हिरासत में मौत के बाद से ही पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। दिनभर सीमाएं सील रहीं। कलक्ट्रेट से लेकर वाल्मीकि वाटिका व बस्तियों में दिनभर पुलिस का पहरा रहा। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद शांतिपूर्वक दाह संस्कार कराने पर प्रशासन का जोर रहा। पोस्टमार्टम के बाद प्रशासन ने रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। इस संबंध में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि मौत की वजह क्या है इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। रिपोर्ट एसएसपी द्वारा कंपाइल कराई जा रही है। इसे बाद में जारी किया जाएगा। अपराह्न सवा तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद अरुण का शव प्रशासन ने परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम हाउस से एंबुलेंस में शव लोहामंडी स्थित बस्ती लाया गया। यहां से एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी, एडीएम प्रोटोकॉल हिमांशु गौतम व एसपी कासगंज रोहन बोत्रे सहित भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शव यात्रा मल्ल का चबूतरा श्मशान घाट पहुंची। शाम 4:30 बजे दाह संस्कार किया गया।
तीन जगह ज्यादा रही तनावपूर्ण स्थिति
अरुण की मौत मामले में शहर में तीन जगह सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति रही। थाना जगदीशपुरा, लोहामंडी में वाल्मीकि बस्ती जहां अरुण का परिवार रहता है और तीसरा एसएन मेडिकल कॉलेज का पोस्टमार्टम हाउस। वहीं कलक्ट्रेट, सुभाष पार्क स्थित वाल्मीकि वाटिका और वाल्मीकि बस्तियों में दिनभर स्थिति संवेदनशील रही।
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