बड़ी कार्रवाई संभव
कमिश्नर अमित गुप्ता ने बताया कि बाकी तीन लोगों की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। प्रथम दृष्टया शराब से हुई मौतों के मामले में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। प्रतिबंधित शराब बिक्री को रोकना पुलिस और आबकारी दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
आगरा में जहरीली शराब से हुई मौतों का संज्ञान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया है। आयोग ने आबकारी आयुक्त को नोटिस जारी किया है। जिसके बाद बुधवार को कमिश्नर, एडीजी, डीएम और एसएसपी समेत आला अधिकारियों ने उन गांव में पहुंचे जहां मौतें हो रही हैं। प्रभावित गांव के आस-पास के दस अधिक गांव में हुई मौतों की जांच कराई जा रही है।
नाकामी छिपा रहा प्रशासन
अलीगढ़ कांड के बाद भी जिला प्रशासन नहीं चेता। आगरा में जहरीली शराब बिकती रही। दस लोगों की मौत के बाद अफसर हरकत में आए। मंगलवार तक प्रशासन ने मौतों की वजह जहरीली शराब नहीं मानी। इधर, शराब से हुई मौतों की बढ़ती संख्या जिला प्रशासन की नाकामी बयां कर रही है। जिसे प्रशासन छिपाता रहा है।
आगरा: नगला देवरी और डौकी में शराब पीने के बाद आठ की मौत, ग्रामीणों का आरोप जहरीली शराब से गई जान