उत्तर प्रदेश के आगरा में हाईवे स्थित हेरिटेज हॉस्पिटल के पास एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर में धमाके की घटना से हर कोई परेशान है। हॉस्पिटल से लेकर एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर का प्रयोग होता है। जिस सिलिंडर में धमाका हुआ, अगर वो हॉस्पिटल के अंदर होता तो क्या होता ? सवाल है कि धमाका क्यों हुआ ? पुलिस भी हादसे का कारण जानना चाहती है। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। पुलिस को मौके से फटे हुए सिलिंडर के टुकड़े बरामद हुए थे। इनकी मदद से जांच की जा रही है।
हादसा जिस एंबुलेंस में हुआ, उसके मालिक कृष्णवीर सिंह सिकरवार हैं। उन्होंने बताया कि वह मध्यम क्षमता का सिलिंडर अपनी सभी एंबुलेंस में रखते हैं। यह भगवान टॉकीज स्थित हिमांशु ब्रदर्स एजेंसी से लेकर आते हैं। एजेंसी संचालक प्लांट से सिलिंडर लेकर आते हैं। उन्हें बदलकर दूसरा सिलिंडर दे दिया जाता है।
सिलिंडर को देते समय पूरी तरह से चेक किया जाता है। किसी न किसी लापरवाही की वजह से हादसा हुआ। चालक मरीज को ले जाने के दौरान सिलिंडर का प्रयोग करते हैं। अगर, सिलिंडर हॉस्पिटल के अंदर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसलिए जांच की जानी चाहिए।
उधर, एसीपी ताज सुरक्षा सैय्यद अरीब अहमद ने बताया कि एंबुलेंस में सिलिंडर वॉल्व और मोड़ के पास से फट गया था। ऐसा क्यों हुआ ? किस तापमान में ऐसा हो सकता है ? सिलिंडर कितना दबाव झेल सकता है ? महज लीक होने से धमाका नहीं हो सकता। इसका कारण बीड़ी और सिगरेट तो नहीं था ? यह सभी बिंदु जांच के विषय है। इसके बारे में विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। मृतक चालक के परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है। अगर, तहरीर देंगे तो कार्रवाई होगी।
आगरा कॉलेज में रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अमित अग्रवाल ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर का प्रयोग एक मेडिकल तो दूसरा इंडस्ट्री में किया जाता है। मेडिकल प्रयोग के लिए ऑक्सीजन की क्वालिटी एकदम शुद्ध होती है। इसके लिए महत्वपूर्ण है कि सिलिंडर अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए। इसको कहां रखना है ? कैसे उठाकर ले जाना है ? यह सब प्रयोग करने वाले को पता होना चाहिए। कई बार लीकेज से भी हादसा हो सकता है।