आरोपी शिक्षक समझौते का बना रहा दबाव
इसके बाद पीड़ित छात्राएं चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस के माध्यम से आगरा आईं। यहां उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त के सामने सारा प्रकरण बताया। छात्राओं के कोर्ट में बयान भी हो चुके हैं, लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़ित छात्रा के परिजन ने बताया कि आरोपी शिक्षक अपने मिलने वालों के माध्यम से समझौते का दबाव बना रहा है।
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16 जून से फिर खुल जाएंगे विद्यालय
वहीं एक अन्य पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उनको, समाज के विधायक के यहां बुलाकर समझौते की बात कही गई। इससे उन्होंने साफ इनकार कर दिया। ग्रामीणों को इस बात का भी डर सता रहा है कि अभी 16 जून से विद्यालय फिर खुल जाएंगे। ऐसे में बच्चियों को स्कूल भेजने से उनके साथ अनहोनी की आशंका भी परिजनों को सता रही है। उनका कहना है कि जब तक आरोपी शिक्षक सलाखों के पीछे नहीं जाता वह अपनी बच्चियों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
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रखे जाएं शिकायती पेटी
चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस ने जिले के शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख स्कूलों में शिकायत बॉक्स रखने की मांग की है। इसके लिए मॉनीटरिंग कमेटी बनाई जाए, जिसमें महाविद्यालय के प्रवक्ता, शिक्षक प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, महिला पुलिस अधिकारी तथा बाल अधिकार कार्यकर्ता रखे जाएं। कमेटी की मौजूदगी में शिकायत पेटी खोलकर समस्याओं का निस्तारण किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों को यह आश्वस्त किया जाए कि उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा तभी इस प्रकार के मामलों में कमी आएगी।
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गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है
डीसीपी पूर्वी जोन सोमेंद्र मीणा ने कहा कि आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। राजस्थान में दबिश दी गई थी। मगर, वो नहीं मिला। रिश्तेदार और परिचितों से पूछताछ की गई है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।