'सांसद-विधायक पेंशन ले रहे हैं तो हमें क्यों नहीं'
जगवीर सिंह एवं नरेंद्र शर्मा ने कहा कि जब सांसद, विधायक पेंशन ले रहे हैं तो फिर हमें तो मिलनी चाहिए। कलक्ट्रेट संघ के जिलाध्यक्ष दौजीराम ने कहा कि हमारी 11 मांगों को सरकार गंभीरता से ले। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उमेश यादव ने कहा हमें हड़ताल करने का कोई शौक नहीं है। सरकार ने हमारे हकों को छीना है इसलिए आंदोलन की राह पर है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष लटूरी सिंह ने कहा कि सरकार हमें कमजोर न समझे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश यादव कहा कि हम अपने अधिकार लेकर रहेंगे। इंजीनियर संघ के अध्यक्ष सुमित नरायन सिंह, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार को हमारे हक की बात करनी चाहिए।
प्रदर्शन में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र बघेल, समाज कल्याण विभाग से प्रदीप पांडेय, मुसद्दक हुसैन, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के दिलीप पांडेय, कलक्ट्रेट के राजेंद्र खन्ना, सौरभ गुप्ता, बेसिक शिक्षा लेखाकार संघ के मंजर अहमद, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के प्रेमपाल यादव, कोषागार संघ के विवेक कटियार, अतुल अग्रवाल, वाहन चालक संघ के तिलक सिंह शामिल थे।
कार्यालयों में पसरा रहा सन्नाटा
विकास भवन के बाहर शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। वहीं विकास भवन एवं कलक्ट्रेट के अधिकांश कर्मचारियों के कार्यालय खाली दिखाई दिए।
सीडीओ चर्चित गौड़, डीपीआरओ नीरज कुमार सिन्हा सहित अन्य अफसर तो मौजूद दिखे लेकिन कर्मचारी नदारद रहे। सिर्फ आवश्यक काम होने पर ही कुछ कर्मचारी पहुंचे और लौटकर धरना स्थल पर पहुंच गए। इस तरह का नजारा विकास भवन के पंचायतीराज विभाग,समाज कल्याण विभाग,पीओ डूडा सहित कलेक्ट्रेट के विभागों में दिखाई दिया।
तीन थानों का फोर्स रहा तैनात
शिक्षक, कर्मचारी अधिकारी मंच द्वारा अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर विकास भवन के बाहर प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए पुलिस फोर्स को तैनात किया था। इसमें थानाध्यक्ष मटसेना अंजीश कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक रसूलपुर कमलेश कुमार सिंह, थानाध्यक्ष रामगढ़ हरवेंद्र मिश्रा पुलिस फोर्स के साथ मौजूद थे। धरना समाप्त होने के बाद ही जिला मुख्यालय से निकले।