कासगंज। न्यौली चीनी मिल में गन्ना खरीद और पुराने बकाए के भुगतान को लेकर जिलाधिकारी का रुख बेहद सख्त हुआ है। डीएम ने चीनी मिल के अधिकारियों और गन्ना विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। स्पष्ट निर्देश दिए कि मुझे शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। गन्ना खरीद में ढिलाई न हो और पुराना भुगतान प्राथमिकता के साथ करा दिया जाए, यदि कई शिकायत मिली तो सीधे मिल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। इधर डीएम के रुख को देखते हुए मिल प्रशासन भी सक्रिय दिखाई दिया। बृहस्पतिवार को 89 लाख रुपये का भुगतान चीनी मिल ने गन्ना किसानों को किया।
चीनी मिल का चक्का कभी रुकता है तो कभी रफ्तार भरने लगा है। रुक-रुक कर चीनी मिल चल रही है। जिससे किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर का रुख भी सख्त हुआ है। डीएम ने बुधवार को गन्ना विभाग और चीनी मिल के अधिकारियों की बैठक बुलाई। कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि किसी भी हाल में किसानों को समस्या नहीं होनी चाहिए। यह बताया जाए कि चीनी मिल का चक्का क्यों रुक रुक कर चल रहा है। कोई खामी है तो उसको तत्काल दूर क्यों नहीं किया जा रहा। मुझे शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। शिकायत मिली तो कार्रवाई तय है। डीएम ने कहा कि गन्ना खरीद के बकाए का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा? किसानों को समस्याएं क्यों हो रही हैं? चीनी मिल प्रबंधन गंभीर क्यों नहीं है? तत्काल गंभीरता दिखाइए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि गन्ना खरीद में गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। बकाए का भुगतान तत्काल कराया जाए। जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन कराया जाएगा। - ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी